दिल्ली व अन्य राज्यों से आ रहे कूड़ा-कचरे के विरोध में किसानों और ग्रामीणों का हंगामा, जहरीली होती हवा पर जताया आक्रोश
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले में लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण और बाहरी राज्यों से आ रहे कूड़ा-कचरे के खिलाफ भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक ने शनिवार को सख्त रुख अपनाया। पर्यावरण संरक्षण की मांग को लेकर यूनियन कार्यकर्ताओं ने भोपा रोड पर उतरकर पन्नी और कचरे से भरे ट्रकों को रोकते हुए सड़क पर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान क्षेत्र के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और यूनियन नेताओं के साथ नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। ग्रामीणों ने ट्रकों पर चढ़कर प्रदर्शन किया और इसे विभागीय मिलीभगत का नतीजा बताते हुए बाहरी राज्यों से आ रहे कूड़े को बंद कराने की मांग की तथा इस कूड़े को ईंधन के रूप में प्रयोग किये जाने को लेकर फैक्ट्रियों पर भी कार्रवाई की मांग की।

भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने प्रदूषण की गंभीर समस्या से परेशान होकर भोपा रोड पर दिल्ली से आ रहे कचरे से भरे ट्रकों को रोक दिया। ट्रकों के रुकते ही यूनियन कार्यकर्ताओं ने बिजलाध्यक्ष सुधीर पंवार के नेतृत्व में सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि दूसरे राज्यों की गंदगी और कूड़ा-कचरा जिले में लाकर उद्योगों की इकाइयों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे वायु प्रदूषण लगातार बढ़ रहा है और आम लोगों का स्वास्थ्य खतरे में पड़ गया है। धरने की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों के लोग भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके में सांस लेना मुश्किल हो गया है, हवा जहरीली होती जा रही है और बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीणों ने भी भाकियू नेताओं के साथ मिलकर प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
यूनियन नेताओं ने कहा कि अकेले दिल्ली से रोजाना 50 से 60 ट्रक कूड़ा-कचरा मुजफ्फरनगर लाया जा रहा है। इसके अलावा पंजाब और हरियाणा से भी आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) के नाम पर कबाड़ और गंदगी की सप्लाई की जा रही है। इस कचरे को जलाने से जिले की हवा और अधिक प्रदूषित हो रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। भाकियू अराजनैतिक के पदाधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी इस मुद्दे को कई बार उठाया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बाहर से आ रहे कचरे पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान भोपा रोड पर यातायात भी प्रभावित हो गया। इसको लेकर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाने का प्रयास किया। प्रदूषण विभाग के अधिकारी भी मौके पर बुलाये गये और पकड़े गये ट्रकों में भरे कूड़े की जांच की मांग की गई। हालांकि यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक कचरे से भरे ट्रकों का आना पूरी तरह बंद नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। प्रदर्शन में मुख्य रूप से भाकियू अराजनैतिक के जिलाध्यक्ष सुधीर पंवार, मंडल महासचिव विपिन त्यागी, तहसील जानसठ अध्यक्ष अंकित जावला, शहराध्यक्ष शहजाद राव, सुमित दोहाड, मोनू सोम और अन्य पदाधिकारी तथा सैंकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे। गौरतलब है कि मुजफ्फरनगर में बढ़ते प्रदूषण को लेकर राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल भी सख्त रुख अपना चुके हैं। उन्होंने लखनऊ में यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) के सदस्य सचिव को तलब कर जिले में बढ़ रहे प्रदूषण पर नाराजगी जताई थी। वहीं भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत भी दिल्ली और अन्य राज्यों से मुजफ्फरनगर में आ रहे कूड़ा-कचरे को लेकर पहले ही चिंता जता चुके हैं।






