मुजफ्फरनगर-बागी बेटी की गलत आरजू-मजदूर पिता ने मजबूर होकर घोंट दिया गला

आरोपी ने अपनी बेटी की शादी सहारनपुर के देवबंद में तय की थी, लेकिन वह शादी से नाराज थी, घर में विवाद चल रहा था।

मुजफ्फरनगर। खालापार थाना क्षेत्र के किदवईनगर में शादी से इन्कार करने पर मजदूर पिता ने अपनी बेटी आरजू (19) की गला दबाकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी खुद ही थाने पहुंचा और बेटी की हत्या की जानकारी दी। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया और घटनास्थल पर पहुंचकर छानबीन की। पुलिस प्रेम-प्रसंग के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
मजदूर गय्यूर (48) अपने घर में ही परचून की दुकान भी चलाता है। शनिवार रात आरोपी ने थाने पहुंचकर हत्या की वारदात स्वीकार किया। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपनी बेटी की शादी सहारनपुर के देवबंद में तय की थी, लेकिन वह शादी से नाराज थी। एक सप्ताह से घर में विवाद चल रहा था। गुस्से में मजदूर ने कमरे में सो रही बेटी की गला दबाकर हत्या कर दी। जांच में सामने आया कि पिता को शक था कि उसकी बेटी किसी युवक से मोबाइल पर बात करती है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। एसपी सिटी सत्यनारायण प्रजापत का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
शनिवार शाम से ही आरोपी ने हत्या की योजना बनानी शुरू कर दी थी। पत्नी हाजरा और दूसरी बेटी अलीशा को छत पर भेज दिया। 13 साल के बेटे रिहान को चोकर लेने भेज दिया, जबकि नौ साल के बेटे अयान को अपनी दुकान पर बैठा दिया। इसके बाद आरोपी ने कमरे में सो रही बेटी का गला दबाकर हत्या कर दी। पहले पत्नी को छत से बुलाकर जानकारी दी और इसके बाद थाने चला गया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी बड़ी बेटी कहने में नहीं थी। शादी के लिए सामान खरीदा जा रहा था, लेकिन वह लगातार इन्कार कर रही थी। दूसरी बेटी का भी निकाह करना था।

इसे भी पढ़ें:  आरएसएस ने सौ वर्षों के संघर्ष में भारत की आत्मा को मजबूत कियाः संजीव बालियान

Also Read This

मुजफ्फरनगर-भाजपा नेता की पत्नी के चुनाव के खिलाफ दायर याचिका खारिज

एडीजे-4 कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में रजनी गोयल की इलेक्शन पिटीशन निरस्त की, एक वोट से हार-जीत का मामला ढाई साल बाद निपटा

Read More »

Как ощущение успеха порождает желание воспроизвести

Как ощущение успеха порождает желание воспроизвести Механизм создания тяги дублировать успешный опыт выступает собой запутанную организацию нейрохимических механизмов, которые азино 777 включаются в миг получения задачи. Людской разум эволюционно настроен на разыскание и укоренение поведенческих шаблонов, ведущих к положительным итогам. Если мы чувствуем успех, задействуется поток биохимических реакций, создающих стабильную мотивацию к дублированию активности. Современные изыскания в участке нейронауки выявляют, что впечатление получения задачи запускает специфические регионы мозга, отвечающие за проектирование и формирование решений. Данный механизм не случаен – он представляет итогом миллионов лет эволюции, когда потенциал удерживать и воссоздавать удачные подходы выживания была решающе существенной для существования вида. Биохимия достижения и система вознаграждения Механизм поощрения головного мозга выступает собой

Read More »