सहारनपुर में संजय वालिया आय से अधिक संपत्ति जांच के तहत मंगलवार सुबह विजिलेंस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। मेरठ से आई एंटी करप्शन टीम ने सुबह करीब 7:00 बजे पहुंचकर ग्राम विकास अधिकारी संजय वालिया के दो ठिकानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। यह कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति के मामले में की जा रही है। विजिलेंस की टीम अधिकारी के आवास और उनके प्रॉपर्टी कार्यालय में दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। स्थानीय पुलिस के सहयोग से चल रही इस कार्रवाई के दौरान बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात रहा।
चौंकाने वाली बात यह है कि संजय वालिया पिछले करीब 4 महीने से जेल में बंद हैं, इसके बावजूद उनकी संपत्तियों की जांच तेज कर दी गई है। ज्ञात हो कि 4 महीने पहले उन्हें एक ठेकेदार से 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था। रिश्वतखोरी के मामले में जेल जाने के बाद अब उनकी संपत्ति की परतें खोली जा रही हैं। मंगलवार तड़के विजिलेंस टीम ने संजय वालिया के आवास पर दस्तक दी। करीब दो घंटे से अधिक समय से चली कार्रवाई में मकान और प्रॉपर्टी से जुड़े कार्यालय में मौजूद फाइलों और बैंक विवरणों की बारीकी से जांच की जा रही है। टीम यह पता लगाने में जुटी है कि पद पर रहते हुए उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कितनी अधिक संपत्ति अर्जित की।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार, संजय वालिया के प्रॉपर्टी के कारोबार में संलिप्त होने की जानकारी भी सामने आई थी। इसी आधार पर उनके प्रॉपर्टी ऑफिस में विशेष रूप से दस्तावेजों की छानबीन की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही संपत्ति के सही आंकड़ों का खुलासा किया जा सकेगा।
जिले में मचा हड़कंप
इस कार्रवाई से जिले के भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई यह कार्रवाई साफ संकेत दे रही है कि अवैध संपत्ति अर्जित करने वालों पर शिकंजा कसना जारी रहेगा।






