मंदिर विवाद-शिवसेना के दोनों गुटों के नेता आमने-सामने आए

शिवसेना जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेडा ने की कांग्रेस समर्थित गुटों की निंदा, कानूनी कार्रवाई की दी चेतावनी

मुजफ्फरनगर। शिवसेना के जिला अध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने एक प्रेस बयान जारी करते हुए आरोप लगाया है कि खुद को हिंदूवादी नेता बताने वाले कुछ तत्व शिवसेना के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं और मंदिर परिसरों में फ्री में दुकानें लेने तथा मंदिर समिति पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वास्तविक शिवसेना पार्टी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पूरे देश में हिंदुत्व और आम जनता के हितों के लिए सक्रिय है।
मंगलवार को प्रकाश चौक स्थित मार्किट में शिवसेना कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान जिलाध्यक्ष बिट्टू सिखेड़ा ने मीडिया को दी जानकारी में बताया कि यह घटना मुजफ्फरनगर के एक मंदिर परिसर में सामने आई है, जहां कुछ कथित शिवसैनिकों ने धरना देकर दुकानें हड़पने और मंदिर कमेटी से धन उगाही की कोशिश की। उन्होंने कहा कि यह पूरा मामला कांग्रेस समर्थित शिवसेना (यूबीटी) से जुड़ा है, जिसके नेता आए दिन हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले बयान देते हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर कमेटी से बातचीत के बाद यह स्पष्ट हुआ कि न तो पंडित जी को हटाने का कोई इरादा है और न ही पुजारी परिवार के खिलाफ कमेटी की ओर से कोई जबरन कार्यवाही की जा रही है। बल्कि, यह विवाद कुछ दुकानदारों द्वारा 100-100 रुपये के मामूली किराए पर वर्षों से दुकान चलाने और किराया न बढ़ाने से जुड़ा है। जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि इन दुकानदारों ने शिवसेना यूबीटी गुट का सहारा लेकर अपने निजी स्वार्थों को साधने की कोशिश की है। उन्होंने बताया कि मंदिर परिसर में जिस पीपल के पेड़ को काटने की अफवाह फैलाई जा रही थी, वह आज भी यथावत हरी-भरी अवस्था में खड़ा है। बिट्टू सिखेड़ा ने लोगों से अपील की कि वे असली और नकली शिवसैनिकों के बीच अंतर समझें और किसी भी भ्रमित करने वाली गतिविधियों से सावधान रहें। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जो लोग शिवसेना के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं, उनके खिलाफ पार्टी सख्त कानूनी कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि कुछ आशा कार्यकर्ता कार्यालय आकर उनसे मिली और किसान नेता शाह आलम के द्वारा किये गये कथित दुर्व्यवहार की जानकारी दी। इसमें शिवसेना आशा बहनों के सम्मान के साथ खड़ी है। उन्होंने किसान नेता के बयान की निंदा करते हुए कहा कि आशा बहनें ईमानदारी से अपना कार्य करें, संगठन उनके साथ है। यदि कोई आशा उत्पीड़न या अवैध वसूली में लिप्त पाई गई तो संगठन उसके खिलाफ भी प्रशासनिक स्तर पर कार्यवाही कराने से पीछे नहीं हटेगा। इस दौरान मुख्य रूप से महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, संजीव वर्मा, देवेन्द्र चौहान, ओमकार पंडित, आनन्द प्रकाश गोयल, शैलेन्द्र शर्मा आदि पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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