रोनी हरजीपुर गांव में भयंकर बीमारी से दर्जनों पशुओं की मौत; चेतावनी के बाद स्वास्थ्य विभाग सक्रिय, डोर-टू-डोर चला जांच अभियान
मुजफ्फरनगर। गांव रोनी हरजीपुर में पिछले एक माह से फैल रही पशुओं की भयंकर बीमारी को लेकर किसानों में फैली दहशत के बीच आखिरकार भाकियू नेता विकास शर्मा की चेतावनी का असर दिखाई दिया। मंगलवार को प्रदर्शन और घेराव की घोषणा के बाद शनिवार को जिले के सक्षम अधिकारियों ने तत्काल संज्ञान लेते हुए डॉक्टरों की दर्जनों सदस्यीय टीम को गांव में भेजा। टीम ने गांव में कैंप लगाकर डोर-टू-डोर पशुओं की जांच, उपचार और टीकाकरण किया।

बता दें कि गांव रोनी हरजीपुर में रहस्यमयी बीमारी से अब तक लगभग डेढ़ दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त था। किसानों का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद विभाग द्वारा कोई भी कैंप नहीं लगाया गया था। शनिवार को पशुचिकित्सा विभाग की टीम डॉ. अनिल गोयल के नेतृत्व में गांव पहुंची, जिसमें चरथावल, बिरालसी और मुजफ्फरनगर की संयुक्त टीमें शामिल रहीं। डॉक्टरों ने गांव में घर-घर जाकर बीमार पशुओं की स्थिति का आकलन किया, उपचार किया और टीकाकरण अभियान चलाया।
टीम में डॉ. नवीन कुमार सैनी, डॉ. सतीश ठाकुर, पंकज कुमार, सचिन कुमार, हिमांशु कुमार, राधेश्याम सहित कई डॉक्टर मौजूद रहे। टीम देर शाम तक गांव में कैंप करती रही और किसानों से अपील की कि पशुओं के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, जिससे संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। अधिकारियों ने बताया कि एक सप्ताह बाद पुनः गांव में टीम भेजकर निरीक्षण किया जाएगा तथा बीमारी पर पूरी निगरानी रखी जाएगी।
टीम आने से ठीक एक दिन पहले भाकियू नेता विकास शर्मा ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर विभाग पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था किकृगांव में पिछले एक माह से पशु भयंकर बीमारी की चपेट में हैं। बार-बार शिकायतों के बावजूद विभाग ने कोई कैंप या सर्वे नहीं किया। विभागीय अनदेखी के कारण अब तक कम से कम डेढ़ दर्जन पशुओं की मौत हो चुकी है। विकास शर्मा ने विभागीय अनदेखी पर रोष जाहिर करते हुए ऐलान किया था कि अगर तत्काल टीकाकरण और उपचार की व्यवस्था नहीं की गई, तो वे मंगलवार को पशु जिला चिकित्सा अधिकारी का घेराव करेंगे। उनकी चेतावनी के बाद ही पशु चिकित्सा विभाग हरकत में आया और गांव में पूरी टीम ने डेरा डालकर चिकित्सीय कार्य शुरू किया। डॉक्टरों की टीम के पहुंचने पर ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। सैकड़ों ग्रामीण पूरे दिन कैंप में जुटे रहे और भाकियू नेता विकास शर्मा ने टीम के साथ रहकर ग्रामीणों के पशुओं की जांच करवाई। किसानों ने उम्मीद जताई कि अब बीमारी पर रोक लगेगी और विभाग आगे भी इसी तरह सक्रिय रहेगा।






