कई जिलों के पीसीबी अफसरों की टीम ने मुख्यालय पहुंचकर शुरू की थी जांच, होटल से लेकर मिलों तक भाकियू नेताओं ने किया घेराव
मुजफ्फरनगर। जनपद में पेपर मिलों द्वारा जलाए जा रहे आरडीएफ (रिफ्यूज डिराइव्ड फ्यूल) के नाम पर पेपर मिलों में म्यूनिसिपलिटीज का सॉलिड वेस्ट ईंधन के रूप में जलाए जाने के आरोपों को लेकर बीते एक माह से चल रहे विवाद और आंदोलन के बीच सर्द मौसम में मंगलवार को जनपद का माहौल फिर गर्म हो गया। किसान संगठनों के विरोध और प्रदूषण की शिकायतों के मद्देनज़र शासन के निर्देश पर जाच करने के लिए मुख्यालय पहुंची यूपीपीसीबी (उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) की विशेष जांच टीम का भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के पदाधिकारियों व ग्रामीणों ने पीछा करते हुए कई स्थानों पर घेराव किया और भारी हंगामा किया। स्थिति यहां तक बिगड़ गई कि पेपर मिल से लिये गये आरडीएफ सैम्पल के बैग को अफसरों से छीना गया और गाड़ी में बैठे अधिकारी के हाथ से बैग खींचकर फाड़ दिया गया। हंगामे से भयभीत अधिकारी जगह-जगह बचते हुए इधर-उधर होते रहे। हंगामे और विरोध के कारण लखनऊ से आदेश जारी होने पर निरीक्षण और जांच की कार्रवाई को अस्थायी रूप से रोक दिया गया।
होटल से लेकर पेपर मिल और फिर रिसोर्ट तक पीछा
जानकारी के अनुसार लखनऊ से गठित विशेष जांच दल में यूपीपीसीबी के चीफ और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। टीम सोमवार शाम मुख्यालय पहुंची थी। मंगलवार सुबह टीम जानसठ रोड स्थित पेपर मिलों का औचक निरीक्षण करने रवाना हुई।

इसी दौरान भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) के जानसठ तहसील अध्यक्ष अंकित जावला, दीपक मलिक (चांदपुर), जयवीर ठाकरान, अनिल कुमार सहित 10दृ15 कार्यकर्ता और ग्रामीण पहले ही हाईवे स्थित एक होटल पहुंच गए, जहां जांच दल ठहरा था। टीम वहां से निकलकर महालक्ष्मी पेपर मिल पहुंची तो यूनियन के लोगों ने मिल पर पहुंचकर घेराव कर दिया। टीम को अंदर जाने से रोका गया। जब अधिकारी निरीक्षण के लिए भीतर गए तो यूनियन के लोग भी जबरन अंदर घुसने लगे और उनके सामने ही कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे।
सैम्पल बैग छीनने व फाड़ने का आरोप, सड़क पर घंटों हंगामा
मिल से बाहर निकली जांच टीम की गाड़ियों को यूनियन पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने घेरकर रोक लिया। इसी दौरान अफसरों द्वारा एकत्र किए गए आरडीएफ सैम्पल के बैग को छीना गया और छीना-झपटी के बीच फाड़ दिया गया। इसके बाद जांच दल हाईवे स्थित एक रिसोर्ट की ओर बढ़ा, लेकिन यहां भी यूनियन के लोग पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करते हुए विरोध जताया। दोपहर बाद तक हंगामा जारी रहा, जिससे टीम निरीक्षण पूरा नहीं कर सकी।
हंगामे के कारण निरीक्षण नहीं हो पाया, वापस लौटी टीम
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी गीतेश चंद्रा ने मामले पर कहा कि लखनऊ से बनी विशेष टीम पेपर मिलों में आरडीएफ जलाने से संबंधित जांच करने आई थी। सुबह हम टीम के साथ स्थलीय निरीक्षण को निकले थे, लेकिन भाकियू के विरोध और हंगामे के कारण निरीक्षण संभव नहीं हो पाया। यूनियन पदाधिकारी टीम के साथ रहना चाहते थे और उन्होंने लगातार पीछा किया।

उन्होंने आगे बताया कि एक पेपर मिल से आरडीएफ का सैम्पल लिया गया था, जिसे कुछ लोगों ने गाड़ी से ही छीनने का प्रयास किया और सैम्पल बैग फाड़ दिया गया। इन घटनाओं की पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। फिलहाल शासन ने औचक निरीक्षण रोकने के निर्देश दिए हैं। अधिकारी के अनुसार मिल मालिकों और ट्रांसपोर्टरों से विभाग की मिलीभगत के लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि सभी शिकायतों पर बोर्ड तेजी से कार्यवाही कर रहा है और प्रशासन को सुरक्षा बंदोबस्त के लिए अवगत करा दिया गया है।
पुलिस एस्कॉर्ट में जिले से बैरंग लौटी पीसीबी की जांच टीम
मुजफ्फरनगर। भाकियू नेताओं के भारी हंगामे, सैम्पल छीनने और पीछा करने से भयभीत दिल्ली और लखनऊ से यहां पेपर मिलों में आरडीएफ जलाने की जांच करने आई पीसीबी की टीम के अफसरों को पुलिस एस्कॉर्ट में रिसोर्ट से निकालकर जनपद से विदा दी गई।
भाकियू जानसठ तहसील अध्यक्ष अंकित जावला ने मीडिया के समक्ष आरोप लगाया कि जिले की फैक्ट्री में गीला कचरा और मृत पशु जलाए जा रहे हैं। लेकिन टीम ने सूखा त्क्थ् का सैंपल लिया। हमने कहा कि हमें अंदर लेकर चलो, असल कचरे का सैंपल लो। लेकिन टीम भाग आई। हम पीछा करके रिसॉर्ट तक गए। अंकित ने रिश्वत का भी इल्ज़ाम लगाया और कहा कि फैक्ट्री मालिकों से होटल में बैठक कर अधिकारियों के द्वारा पैसे लिए गए।

यही टीम एक फैक्ट्री से मिठाई के पैकेट में पैसे लेकर आई, यही डिब्बे उनकी गाड़ी की डिग्गी में भरे हुए ग्रामीणों और किसानों ने देखे हैं। हालांकि इन आरोपों को क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण बोर्ड गीतेश चंद्रा ने बेबुनियाद बताते हुए सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बताया कि यूनियन के विरोध के कारण रिसोर्ट से टीम का भारी सुरक्षा में रवाना कर दिया गया। यहां मन्सूरपुर थाने से पुलिस एस्कार्ट पहुंची थी और पुलिस सुरक्षा में सभी अधिकारियों को निकाला गया। इन अधिकारियों में एक महिला अफसर भी शामिल बताई गई है।





