मदरसे में जलसे के दौरान की थी गैर-मुस्लिम स्कूलों के खिलाफ तकरीर, वीडियो जारी होने पर पुलिस ने की सख्ती
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में गैर-मुस्लिम संचालित स्कूलों में मुस्लिम बच्चों की पढ़ाई को लेकर विवादित बयान देने वाले मौलाना मुमसाद ने अपना बयान वापस ले लिया है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने और पुलिस की सख्ती के बाद उन्होंने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। मौलाना मुमसाद ने पहले गैर-मुस्लिम संचालित स्कूलों और कॉलेजों में मुस्लिम बच्चों को पढ़ने के खिलाफ टिप्पणी की थी। उनका यह बयान तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और जांच शुरू कर दी।
नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के बिलासपुर गांव में एफडी इस्लामिया इंटर कॉलेज और मदरसा संचालित करने वाले मौलाना मुमसाद पर पुलिस जांच का दबाव बढ़ा। इसके बाद उन्होंने अपने बयान से पलटते हुए उसे वापस ले लिया। मौलाना ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए स्पष्ट किया कि उनका इरादा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने खुद को राष्ट्रवादी बताते हुए कहा कि हम राष्ट्रवादी हैं और देश की एकता के पक्षधर हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्कूल किसी का भी होकृचाहे हिंदू संचालित हो या किसी अन्य समुदाय काकृउसमें पढ़ने पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। मौलाना ने जोर देकर कहा कि हम सब एक हैं। समाज में एकता और भाईचारा ही हमारी ताकत है। किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाना चाहिए, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।
मुजफ्फरनगर जनपद में पहले भी धार्मिक संवेदनशीलता से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। मौलाना के शुरुआती बयान ने शिक्षा के अधिकार और सामाजिक सद्भाव पर सवाल खड़े किए थे। हालांकि, उनके माफी मांगने और बयान वापस लेने के बाद अन्य संगठनों की ओर से कोई टिप्पणी सामने नहीं आई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच अभी भी जारी है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इस बयान से किसी प्रकार की उकसावा या सामाजिक अशांति न फैले। मौलाना के इस यू-टर्न से यह संदेश गया है कि संवेदनशील मुद्दों पर सार्वजनिक रूप से बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए।






