वाराणसी वाराणसी गैस सिलेंडर धमाका में मंगलवार सुबह करीब 8 बजे लहरतारा क्षेत्र में बड़ा हादसा हो गया। खाना बनाते समय सिलेंडर फटने से एक मंजिला मकान ढह गया। हादसे में भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि मां और बड़ा बेटा मलबे में दब गए।
पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाकर चारों को बाहर निकाला। सभी को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने 2 लोगों को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के अनुसार, हादसा गैस लीक होने के बाद हुआ। किचन में सिलेंडर के पाइप में आग लगी और कुछ ही देर में तेज धमाका हो गया। धमाके की वजह से पूरा मकान भरभरा कर गिर गया।
एडीसीपी वरुणा जोन नीतू कादयान ने बताया कि एक मंजिला मकान गिरने की सूचना मिली थी। फील्ड यूनिट और फायर कर्मी मौके पर पहुंचे। आसपास के लोगों की मदद से 4 लोगों को बाहर निकाला गया। धमाका इतना तेज था कि आसपास के कई मकानों में दरारें आ गईं। धमाके की आवाज सुनकर लोग अपने घरों से बाहर निकल आए और मदद के लिए दौड़ पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज आवाज के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी।
वाराणसी गैस सिलेंडर धमाके में 2 लोगों की मौत हुई है, जबकि 2 लोग घायल हुए हैं। सभी को मलबे से निकालकर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने दो को मृत घोषित किया। हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान अमन चौधरी (31) और प्रीति उर्फ लक्ष्मी (24) के रूप में हुई है। घटना के समय घर में कुल 4 लोग मौजूद थे।
जानकारी के अनुसार, यह मकान गिरिजा देवी (60) का है, जो अपने दो बेटों और बेटी के साथ रहती थीं। बताया जा रहा है कि हादसे के समय सभी जर्जर हिस्से में मौजूद थे।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सुबह गिरिजा देवी किचन में खाना बना रही थीं। तभी सिलेंडर से गैस लीक होने लगी और पाइप में आग लग गई। इससे पहले कि स्थिति संभल पाती, तेज धमाका हो गया और मकान ढह गया। चारों लोग मलबे के नीचे दब गए। आसपास के लोगों ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
पड़ोस में रहने वाली चंदा साहनी के मुताबिक, वे लोग सो रहे थे। धमाके की आवाज सुनकर जागे और बाहर आए तो देखा कि मकान गिर चुका था। इसके बाद आसपास के लोगों को बुलाया गया और पुलिस को सूचना दी गई। स्थानीय लोगों ने बिजली का कनेक्शन काटकर बचाव कार्य में सहयोग किया।






