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केजरीवाल की गिरफ्तारी पर मुखर और पाकिस्तान में इमरान खान पर चुप्पी क्यों? इस सवाल पर फंसा अमेरिका

केजरीवाल की गिरफ्तारी पर मुखर और पाकिस्तान में इमरान खान पर चुप्पी क्यों? इस सवाल पर फंसा अमेरिका
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वॉशिंगटन। अमेरिका ने बीते दिनों अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर बयान जारी किया था। अब बुधवार को अमेरिका के विदेश विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसके प्रवक्ता मैथ्यू मिलर फंसते नजर आए। दरअसल एक पत्रकार ने अमेरिका के विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से पूछा कि अमेरिका, भारत में अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर मुखर है, लेकिन पाकिस्तान में इमरान खान की गिरफ्तार पर उसने चुप्पी क्यों साधी हुई है?

सवाल के जवाब में मैथ्यू मिलर ने कहा कि श्मैं इससे सहमत नहीं हूं। हमने कई बार कहा है कि हम चाहते हैं कि पाकिस्तान में सभी लोगों के साथ कानून और मानवाधिकारों के मुताबिक बराबरी का व्यवहार किया जाए। दुनिया के किसी भी देश के मामले में हमारा यही स्टैंड है। जवाब से साफ है कि अमेरिकी विदेश विभाग ने जवाब से बचने की कोशिश की। उल्लेखनीय है कि दिल्ली शराब नीति घोटाला मामले में अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार किया गया है, जिस पर अमेरिका, जर्मनी और संयुक्त राष्ट्र ने बयान जारी किया। इस पर भारत ने कड़ी आपत्ति जताई थी और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने अपने एक बयान में कहा कि हम एक संप्रभु राष्ट्र हैं और हम नहीं चाहते कि हम एक दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल दें।

विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर से जब गुरपतवंत सिंह पन्नू मामले को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अमेरिका इस मामले की विस्तृत जांच कर रहा है और वे भारत में चल रही इस मामले की जांच पर भी नजर बनाए हुए हैं। मैथ्यू मिलर ने कहा कि हमने भारत सरकार को साफ कर दिया है कि हम इस मामले की विस्तृत जांच चाहते हैं और हम भारत की जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनके पास इसे लेकर कोई अपडेट्स नहीं हैं। हाल ही में अमेरिका के भारत में राजदूत एरिक गार्सेटी ने कहा था कि कोई भी सरकार या सरकारी कर्मचारी किसी दूसरे देश के नागरिक की हत्या की साजिश में शामिल है तो यह बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है और यह रेड लाइन है।

अमेरिका का नागरिक गुरपतवंत सिंह पन्नू भारत में एक घोषित खालिस्तानी आतंकवादी है। बीते दिनों निखिल गुप्ता नाम के व्यक्ति को चेक गणराज्य में गिरफ्तार किया गया था। अमेरिका खुफिया एजेंसियों ने दावा किया कि निखिल गुप्ता ने गुरपतवंत सिंह को मारने की साजिश रची। ये भी दावा किया गया कि निखिल गुप्ता भारत सरकार के अधिकारी के संपर्क में था। अमेरिका के दावे के बाद भारत ने मामले की जांच की बात कही।

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