डीएम ऑफिस पर मां-बेटी ने किया आत्मदाह का प्रयास, हड़कम्प

मुजफ्फरनगर। जिले में एक पीड़ित महिला ने बुधवार को अपनी मां और तीन छोटे बच्चों के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर आत्मदाह का प्रयास किया। महिला ने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ छिड़क लिया और आग लगाने ही वाली थी कि वहां मौजूद सतर्क पुलिसकर्मियों ने साहस दिखाते हुए उसे रोक लिया और हाथ से तेल की बोतल छीन ली। समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी टल गई। घटना के बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया और भारी भीड़ जमा हो गई।

महिला की पहचान जानसठ तहसील क्षेत्र के कस्बा कावल निवासी शालू के रूप में हुई है। वह अपनी मां बेबी और तीन बच्चों के साथ डीएम कार्यालय पहुंची थी। शालू ने बताया कि वर्ष 2013 में उसकी शादी कावल निवासी अमित से हुई थी। कुछ समय पहले पति की मृत्यु के बाद उसके ससुरालवालों ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया और अंततः घर से निकाल दिया। अब वह मजदूरी कर प्रतिदिन लगभग 100 रुपये की आय से बच्चों का पालन-पोषण करने को मजबूर है।

शालू का आरोप है कि उसने कई बार थाने, महिला हेल्पलाइन, अधिकारियों और प्रशासनिक तंत्र से गुहार लगाई, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। निराश होकर उसने आत्मदाह जैसा कदम उठाया। इसी दौरान उसकी मां बेबी ने भी खुद पर तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया, लेकिन मौके पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने दोनों को समझा-बुझाकर बचा लिया। पुलिस ने तुरंत दोनों महिलाओं को सिविल लाइन थाने ले जाकर समझाया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया और मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। इस आत्मदाह के प्रयास ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि पीड़िता की समय पर सुनवाई हुई होती, तो शायद यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में हादसे ने उजाड़ा परिवारः सात बहनों के इकलौते भाई की मौत


Also Read This