21 अगस्त से अग्निवीर भर्ती शरू, 13 जनपदों के 17,000 अभ्यर्थी होंगे शामिल

मजफ्फरनगर। जनपद स्थित नमाइश ग्राउंड में 21 अगस्त से अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा, जो 8 सितंबर तक चलेगी। इस भर्ती प्रक्रिया में कल 13 जनपदों के लगभग 17,000 अभ्यर्थी हिस्सा लेंगे। प्रशासन ने भर्ती के सफल आयोजन को लेकर तैयारियाँ तेज कर दी हैं। संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं को दरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की असविधा न हो। सरक्षा, चिकित्सा, पेयजल, ठहराव और यातायात की व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई है।

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में जिला पंचायत सभागार में अग्निवीर भर्ती की तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों एवं सेना के अधिकारियों के साथ बैठक हई। जनपद में अग्निवीर भर्ती के तहत भारतीय सेना की ओर से 21 अगस्त से 08 सितम्बर तक रैली का आयोजन किया जाना है। यह रैली चौधरी चरण सिंह स्टेडियम में होगी। रैली में प्रदेश के 13 जनपदों के अभ्यर्थी सम्मिलित होंगे। रैली में सहारनपर, मजफ्फरनगर, शामली, रामपुर, मरादाबाद, बिजनौर, अमरोहा, गौतमबुद्धनगर, हापुड, गाजियाबाद, बागपत, मेरठ और बलंदशहर के अभ्यर्थी आएंगे।

बैठक में सेना के भर्ती अधिकारी कर्नल सत्यजीत बेबले ने अधिकारियों को रैली के मद्देनजर की जाने वाली व्यवस्थाओं एवं आवश्यकताओं के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भर्ती रैली में 17 हजार अभ्यर्थी शामिल होंगे। जनपद में प्रतिदिन लगभग 1200 अभ्यर्थी आएंगे। जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को उचित व्यवस्थांए समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने सम्बन्धित अधिकारियों को पेयजल, साफ-सफाई, बेरीकेटिंग, निर्बाध विद्यत आपूर्ति, लाइट, शौचालय, एम्बलेंस एवं चिकित्सा आदि की समचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों के ठहरने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। परिवहन विभाग को पर्याप्त मात्रा में बसों को संचालन करने एवं अग्निशमन विभाग को रैली स्थल पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए समचित व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन संजय कमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौड़, पलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ, पालिका ईओ डॉ. प्रज्ञा सिंह, एसीएमओ, समस्त उपजिलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण एवं सेना भर्ती बोर्ड के अधिकारी मौजूद रहे।

इसे भी पढ़ें:  एमबीबीएस छात्रा की मौत की गुत्थी सुलझाने को डॉक्टरों के बयान लेगी पुलिस

Also Read This

देवबंद हत्याकांड का खुलासा, 2 आरोपी गिरफ्तार

सहारनपुर/देवबंद। देवबंद क्षेत्र में गुमशुदगी से शुरू हुआ मामला हत्या तक पहुंच गया। करीब तीन दिन की तलाश के बाद जिस पिंटू का शव आखलौर खेड़ी क्षेत्र के नाले में मिला था, उस हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। थाना देवबंद पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल ईंट का अद्धा, मृतक का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एक आरोपी की खून से सनी शर्ट बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार पकड़े गए आरोपियों की पहचान विशाल पुत्र इसम और गगन पुत्र विजय सिंह निवासी ग्राम आखलौर,

Read More »

दर्द के बीच दौड़ी जिंदगी, 102 एंबुलेंस में गूंजी नवजात की पहली किलकारी

ईएमटी प्रियंका की सूझबूझ से चलते रास्ते में हुआ सुरक्षित प्रसव, मां-बेटा स्वस्थ खतौली 26 मई, मंगलवार। कभी-कभी कुछ पल जिंदगीभर की खुशी बन जाते हैं। मंगलवार सुबह खतौली क्षेत्र में ऐसा ही भावुक और राहत भरा दृश्य देखने को मिला, जब अस्पताल पहुंचने से पहले ही 102 एंबुलेंस नवजात के जन्म की साक्षी बन गई। एंबुलेंस के भीतर गूंजी मासूम की पहली किलकारी ने परिवार के साथ-साथ स्वास्थ्यकर्मियों के चेहरे भी खुशी से खिला दिए।खतौली क्षेत्र के गांव पलड़ी निवासी भुवनेश्री (21) पत्नी गौरव को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिवार घबराया हुआ था, लेकिन 102 एंबुलेंस सेवा उम्मीद बनकर समय पर पहुंची। महिला ईएमटी प्रियंका और पायलट

Read More »

टिहरी में डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग की भूमि पर सुनवाई, 5 मामलों में फिर मूल्यांकन के निर्देश

देहरादून/टिहरी गढ़वाल। कोटी कॉलोनी से डोबरा चांठी पर्यटन मार्ग निर्माण के लिए अर्जित भूमि और परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन से जुड़े मामलों पर जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई। बैठक में भू-स्वामियों की आपत्तियों को सुना गया और गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर 18 भूमि एवं भवन स्वामियों के मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। यह सुनवाई भूमि अर्जन, पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता अधिनियम 2013 की धारा-33 के तहत की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य उन मामलों की स्थिति साफ करना था, जिनमें भू-स्वामियों ने अर्जित भूमि, भवन या अन्य परिसंपत्तियों के मूल्यांकन को लेकर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसे भी पढ़ें: 

Read More »