टैक्स चोरी और तस्करी रोकने को जीएसटी-आबकारी विभाग ने मिलाया हाथ

मुजफ्फरनगर। प्रदेश में टैक्स चोरी और अंतरराज्यीय शराब तस्करी को लेकर आबकारी व राज्य कर (जीएसटी) विभाग हरकत में आ गया है। दोनों विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने समन्वित कार्यवाही करने के लिए आपस में हाथ मिलाया। इसी क्रम में दोनों विभागों की एक अहम संयुक्त बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें आबकारी व राज्य कर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में अंतरराज्यीय तस्करी की आशंका को देखते हुए मुजफ्फरनगर से सटे उत्तराखंड की सीमा सहित जनपद को शामली और सहारनपुर जनपदों जोड़ने वाले राजमार्गों पर संयुक्त सघन चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह ने बताया कि दोनों विभागों की यह समन्वय बैठक प्रमुख सचिव एवं आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश, प्रयागराज द्वारा दिये गये निर्देशों के तहत चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के अंतर्गत आयोजित की गई थी। बैठक में राज्य कर विभाग की ओर से संयुक्त आयुक्त सिद्धेश चंद्र दीक्षित अपनी मोबाइल यूनिट और सभी सहायक आयुक्तों के साथ मौजूद रहे, जबकि आबकारी विभाग की ओर से जिला आबकारी अधिकारी राकेश बहादुर सिंह समेत सभी आबकारी निरीक्षक उपस्थित थे।
संयुक्त आयुक्त एसआईबी जीएसटी सिद्धेश चंद्र दीक्षित ने बताया कि बैठक में अधिकारियों ने यह निर्णय लिया कि जनपद के सीमावर्ती इलाकों, विशेषकर उत्तराखंड की सीमा और अन्य प्रमुख राजमार्गों पर दोनों विभागों द्वारा संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। इससे न सिर्फ अवैध शराब की तस्करी पर लगाम लगेगी, बल्कि जीएसटी चोरी करने वाले कारोबारियों पर भी शिकंजा कसा जा सकेगा। बैठक के दौरान अधिकारियों के बीच आपसी समन्वय बढ़ाने के लिए मोबाइल नंबरों का आदान-प्रदान भी किया गया, ताकि कार्रवाई के दौरान सूचना आदान-प्रदान में कोई विलंब न हो।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से है, बल्कि राज्य के राजस्व की हानि को रोकने की दिशा में भी एक ठोस कदम है। जीएसटी और आबकारी से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी निगरानी रखने की बात कही गई है। संयुक्त बैठक में लिए गए निर्णयों के आधार पर आने वाले दिनों में विशेष प्रवर्तन अभियान को और अधिक सक्रिय रूप से लागू किया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही विभिन्न चेक पोस्टों पर संयुक्त टीमें तैनात की जाएंगी और हर संदिग्ध वाहन की गहन जांच की जाएगी।

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