मुजफ्फरनगर में आफत की मूसलधार बारिश-छतें गिरीं, घरों में घुसा पानी

चरथावल क्षेत्र के चार गांवों में 12 घंटे की भारी बारिश ने उजाड़ा गरीब परिवारों का आशियाना, भाकियू नेता ने रात में ही बुलाए अफसर

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में सोमवार को हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह ठप कर दिया। शहर की मलिन बस्तियों में तो बारिश ने बुरा हाल किया ही, पॉश कॉलोनियों से लेकर दूर-दराज के गांवों तक पानी ही पानी नजर आया। कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कई कच्चे मकान भरभराकर गिर गए। इन मकानों में जीवन गुजार रहे गरीब परिवारों को रात बारिश के बीच ही खुले आसमान के नीचे गुजारनी पड़ी। हालात इतने बदतर हो गए कि लोग सिर पर पन्नी ओढ़कर बच्चों समेत पूरी रात भीगते रहे और दिन में अपने हालात पर आंसू बहाते नजर आये। ऐसे में पीड़ितों के लिए प्रशासन से राहत और मुआवजे की मांग भी तेज हुई है।

 

सोमवार को मुजफ्फरनगर जिले में हुई मूसलधार बारिश ने शहर से लेकर गांव तक जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। सुबह से लगातार हो रही बारिश ने न केवल सड़कों को दरिया बना दिया, बल्कि कई मकानों को भी धराशायी कर दिया। काली घटाओं के कारण दिन में भी अंधेरा छाया रहा और निचली बस्तियों से लेकर पॉश कॉलोनियों तक जलभराव की समस्या गंभीर हो गई। गरीब परिवारों के लिए यह बारिश किसी त्रासदी से कम नहीं रही कृ कहीं छतें गिरीं तो कहीं दीवारें ढह गईं। लोगों को भीगते हुए खुले आसमां के नीचे रात गुजारनी पड़ी।

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सोमवार की सुबह करीब छह बजे अचानक मौसम ने नई करवट ली और मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। शहर से गांव तक आई इस भारी बारिश ने आफत का रूप ले लिया। शहर की कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बनी रही, जिससे सामान्य जनजीवन ठप पड़ गया। निचले इलाकों में घरों में पानी घुस गया, जिससे घरेलू सामान खराब हो गया। शहर के मौहल्ला रामपुरी, जनकपुरी, गाजावाली, मल्हुपुरा, केवलपुरी, लददावाला, खालापार, शाहबुददीनपुर, किदवईनगर, सूजडू के साथ ही भरतिया कालोनी, जानसठ रोड, प्रेम विहार, पटेलनगर, नई मंडी, आदर्श कालोनी, गांधी कालोनी, अंकित विहार जैसे पॉश इलाकों में भी हाल बेहाल नजर आया। यहां कई घरों में बारिश का पानी भरने के कारण लोगों को मुसीबत का सामना करते हुए देखा गया। शिव चौक भी एक नदी के समान नजर आया, यहां पर तहसील मार्किट के बेसमेंट और गोल मार्किट के साथ ही एसडी कॉलेज मार्किट की कई दुकानों में बारिश का पानी भर जाने से व्यापारी अपने अपने सामान और माल को बचाने में लगे रहे।

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ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी भयावह रही। चरथावल क्षेत्र के ग्राम घिस्सूखेड़ा में एक गरीब परिवार के मकान की छत रात में भरभरा कर गिर गई। परिवार ने भागकर जान बचाई, लेकिन हजारों रुपये का सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। इस परिवार के लोगों ने छत नष्ट हो जाने के बाद सिर पर पन्नी ओढ़कर बारिश में ही रात गुजारी। ग्रामीणों ने परिवार को आसरा दिया। ग्राम बिरालसी में भी एक ऐसा ही हादसा हुआ, जहाँ सोनू कुमार के कच्चे मकान की छत भारी बारिश के चलते गिर गई। हादसे में सोनू की पत्नी घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए चरथावल सीएससी भेजा गया। मौके पर पहुंचे भारतीय किसान यूनियन के नेता एवं जिला पंचायत सदस्य विकास शर्मा ने जिलाधिकारी को पूरे मामले की जानकारी दूरभाष पर दी और पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल मुआवजे की मांग की।

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चरथावल कोतवाल जसवीर सिंह भी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर भरपूर मदद का भरोसा दिलाया। ग्राम रोनी हरजीपुर में भी भारी बारिश के कारण बिल्ला पुत्र तेजवीर का कच्चा मकान गिर गया। हादसे में परिवार ने बड़ी मुश्किल से जान बचाई। पड़ोसी मकानों को भी नुकसान पहुंचा है। पूरी दिवार गिर जाने के कारण यह परिवार भी सड़क पर खुले आसमां के नीचे आ गया। परिवार को पडौसियों ने शरण दी। चरथावल थाना क्षेत्र के ही ग्राम कुल्हेड़ी में आदिल पुत्र क़ामिल के मकान की छत भी बारिश का बोझ नहीं सह पाई और अचानक धराशायी हो गई। परिवार ने भागकर अपनी जान बचाई, यहां भी परिवार का सामान खराब हो जाने से काफी नुकसान हुआ। भाकियू नेता विकास शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में तुरंत सर्वे कराया जाए और जिन लोगों के मकान बारिश में क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें तत्काल सहायता राशि और आवास निर्माण की सुविधा प्रदान की जाए। जिला प्रशासन जल्द से जल्द अपनी टीम लगाकर सर्वे कराए और पीड़ितों को राहत पहुंचाए।

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