यूपी 47 हजार कर्मचारियों की सैलरी रुकी, होली से पहले झटका

यूपी 47 हजार कर्मचारियों की सैलरी रुकी होने से इस बार होली पर हजारों राज्यकर्मियों की परेशानी बढ़ गई है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि 10 मार्च तक संपत्ति का ब्योरा देने के बाद ही जनवरी और फरवरी का वेतन जारी किया जाएगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है।

10 मार्च तक संपत्ति विवरण अनिवार्य

योगी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सभी राज्यकर्मियों को अपनी चल और अचल संपत्ति का ब्योरा मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य किया था। तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी करीब 47 हजार कर्मचारियों ने अपनी डिटेल अपलोड नहीं की। इसी लापरवाही के चलते शासन ने उनका वेतन रोकने का सख्त निर्णय लिया है। शासनादेश के अनुसार, संपत्ति का विवरण जमा करने के बाद ही जनवरी और फरवरी का वेतन जारी किया जाएगा। जिन कर्मचारियों ने संपत्ति का ब्योरा अपलोड नहीं किया है, उन्हें फिलहाल पदोन्नति और एसीपी का लाभ भी नहीं मिलेगा। शासन का यह कदम प्रशासनिक सख्ती के तौर पर देखा जा रहा है।

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अन्य कर्मचारियों को 28 फरवरी को वेतन

यूपी 47 हजार कर्मचारियों की सैलरी रुकी होने के बावजूद बाकी सभी राज्य कर्मचारियों और पेंशनरों को होली के मद्देनजर राहत दी गई है। वित्त विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि

  • एक मार्च को सामान्य अवकाश

  • दो मार्च को होलिका दहन का सार्वजनिक अवकाश

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को देखते हुए सभी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को फरवरी का वेतन और पेंशन 28 फरवरी को ही जारी कर दी जाए। यह आदेश राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी स्थानीय निकायों, कार्यप्रभारित कर्मचारियों तथा कोषागार से पेंशन पाने वाले पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों पर लागू होगा।

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शासन की सख्ती से संदेश साफ

सरकार के इस फैसले से साफ संकेत है कि संपत्ति विवरण जमा करने के मामले में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अब सभी की नजर इस बात पर है कि 10 मार्च तक कितने कर्मचारी संपत्ति का ब्योरा अपलोड कर अपना रुका हुआ वेतन प्राप्त करते हैं।

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