हादसों की बारिशः ग्रामीण इलाकों में लगातार ढह रहे कच्चे मकान

मुजफ्फरनगर में भारी बरसात बनी आफ़त, गरीब किसान-मज़दूर परिवार हो रहे बेघर, भाकियू नेता ने लगाया प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

मुजफ्फरनगर। लगातार हो रही भारी बरसात ने मुजफ्फरनगर जिले के ग्रामीण इलाकों में तबाही मचा दी है। गरीब किसानों और मजदूरों के जर्जर आवास एक-एक कर धराशायी हो रहे हैं, लेकिन जिला प्रशासन अब तक ठोस कदम उठाने में नाकाम साबित हो रहा है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता विकास शर्मा ने जिला प्रशासन को चेताया है कि अगर जल्द सर्वे कर बारिश के हादसों से पीड़ित परिवारों को सहायता मुहैया नहीं कराई गई, तो ग्रामीणों का गुस्सा उबाल ले सकता है।

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भाकियू नेता विकास शर्मा का कहना है कि भारी बारिश के कारण पुराने कच्चे मकान बड़ी संख्या में गिर रहे हैं। कई परिवार जान बचाकर घरों से भागने को मजबूर हैं, जबकि उनका जीवनभर की कमाई से जुटाया गया सामान मलबे में दब रहा है। विकास शर्मा का कहना है कि हमने बार-बार जिला अधिकारी महोदय से आग्रह किया कि तहसील स्तर पर सक्षम अधिकारियों द्वारा सर्वे कराया जाए, ताकि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

उन्होंने बताया कि शुक्रवार को ग्राम हरनाकी में दुष्यंत पुत्र ओमपाल का आवास भरभरा कर गिर पड़ा। परिवार ने बड़ी मुश्किल से अपनी जान बचाई, लेकिन घर का अधिकांश सामान मलबे में दब गया। मौके पर पहुंचे भाकियू नेता विकास शर्मा ने अधिकारियों को तुरंत फोन कर घटना से अवगत कराया और परिवार को तत्काल आर्थिक सहायता देने की मांग की। इसी तरह ग्राम ज्ञान माजरा राजपूतान में सोमपाल पुत्र जनक सिंह का मकान भी बरसात की मार झेल नहीं पाया और ढह गया। यहां भी भाकियू नेता ने तत्काल अधिकारियों से संपर्क कर स्थिति से अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार हादसों के बावजूद कोई टीम मौके पर नहीं पहुंच रही, न ही किसी प्रकार की राहत मिल रही है। भाकियू नेता विकास शर्मा ने कहा कि चरथावल क्षेत्र के काफी गांव में भारी बारिश के कारण मकान ढहने की पीड़ा से ग्रामीण परेशान हैं। गांव-गांव में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलें जलभराव के कारण बर्बाद हो रही हैं, तो गरीबों के आशियाने तिनका-तिनका करके बनाए घर पलभर में ढह रहे हैं। विकास शर्मा ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने जल्द ही सर्वे कर सहायता राशि मुहैया नहीं कराई, तो तंग आकर ग्रामीण जिला कलेक्टर कार्यालय का घेराव करेंगे।

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