रामपुर तिराहा स्मारक पर दानदाता महावीर प्रसाद की प्रतिमा का अनावरण

मुजफ्फरनगर। 2 अक्टूबर 1994 की रात को दिल्ली राज्य आंदोलन में प्रतिभाग करने जा रहे राज्य आंदोलनकारियों की बसों को रोका गया और फिर संघर्ष में पुलिस की गोलियों से सात आंदोलनकारी शहीद हो गये। यहां पर महिलाओं के साथ बलात्कार किये जाने के आरोप भी लगे हैं। संकट के ऐसे समय में स्थानीय निवासी महावीर प्रसाद शर्मा ने अपनी पत्नी स्व. संतोष देवी और ग्रामीणों के साथ मिलकर आगे आकर बड़े पैमाने पर पीड़ितों की मदद की और गोलीकांड के मुकदमों में पुलिस व प्रशासन के अफसरों के खिलाफ उत्तराखंड सरकार की ओर से सीबीआई के गवाह भी बने। उन्होंने शहीद स्मारक के लिए अपनी डेढ़ बीघा भूमि संस्कृति विभाग उत्तराखंड को दान दी। उनकी भूमि के साथ संस्कृति विभाग ने करीब साढ़े सात बीघा भूमि पर रामपुर तिराहा गोलीकांड शहीद स्मारक का निर्माण कराया। गुरुवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भूमि दान कर्ता स्व. महावीर प्रसाद शर्मा की शहीद स्थल पर लगाई गई प्रतिमा का अनावरण किया।
संस्कृति सचिव उत्राखंड युगल किशोर पन्त ने बताया कि इस शहीद स्थल पर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने भी 2024 में 30वीं बरसी पर मूर्ति स्थल निर्माण का शिलान्यास किया था। यहां महावीर प्रसाद शर्मा की मूर्ति निर्माण व स्थल सौन्दर्यकरण का कार्य उत्तराखंड सरकार ने कराया है। कार्यदायी संस्था ग्रामीण निर्माण निगम प्रखण्ड हरिद्वार के द्वारा 14.75 लाख रुपये के खर्च पर महावीर प्रसाद शर्मा की मूर्ति स्थापित की गई है। इस दौरान सीएम धामी के साथ ग्रामीण निर्माण निगम विभाग के मंत्री सतपाल महाराज, महावीर प्रसाद शर्मा के पुत्र अनिरुद्ध उर्फ पप्पू शर्मा, अलका शर्मा, शहीद स्माकर प्रभारी उनके छोटे पुत्र शुभम शर्मा, हिमानी शर्मा और पोती मोहिनी शर्मा मौजूद रहे। मंच पर पप्पू शर्मा व उनकी पत्नी अलका शर्मा ने सीएम धामी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। पप्पू शर्मा ने कहा कि उनके पिता ने इंसानियत को जीवित रखने के लिए भूमि दान की और उनके संकल्प को पूरा परिवार उत्तराखंड राज्य की सेवा के लिए समर्पित रहेगा।

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शहीद स्मारक का होगा रि-डवलपमेंट, बनेगी कैंटीन

मुजफ्फरनगर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रामपुर तिराहा कांड के बाद यहां के आसपास के लोगों ने पीड़ितों की मदद के लिए इंसानियत को जीवित रखा है और यह स्मारक जहां शहीदों के बलिदान का साक्षी है तो वहीं इंसानियत और भाईचारे की कहानी को भी बयां करता है। हमारी सरकार ने अब इस शहीद स्मारक का रि-डवलपमेंट प्लान बनाने का काम शुरू किया है। इसको भव्य स्वरूप दिया जायेगा। उन्होंने रामपुर तिराहा गोलीकांड शहीद स्मारक के विकास की नई योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि संस्कृति विभाग इसके पुनःविकास का खाका बना रहा है। इसके साथ ही यहां पर एक भव्य कैंटीन की स्थापना होगी। साथ ही रामपुर तिराहा पर उत्तराखंड की सभी सरकारी बसों के लिए एक विशेष ठहराव की व्यवस्था की जायेगी, ताकि इन बसों में सफर करने वाले लोगों को यहां पर कुछ देर विश्राम के कराने के साथ शहीदों के बारे में अवगत कराने की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने रामपुर, सिसौना और बागोवाली गांवों में दोनों राज्यों के बीच मैत्री बढ़ाने के उद्देश्य से जन मिलन केन्द्र बनाने का निश्चय किया है।

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