उन्नाव जिले के पूरननगर मोहल्ले में मतदाता सूची सत्यापन के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक मकान में रहने वाले परिवार की संख्या तीन है, लेकिन वोटर लिस्ट में उसी पते पर कुल 45 मतदाताओं का नाम दर्ज पाया गया। जांच शुरू होने पर बाकी 42 नामों का कोई पता नहीं चला।
मोहल्ला वार्ड नंबर-1 के बूथ संख्या 200 के अंतर्गत मकान नंबर 57 में बीएलओ राजीव त्रिपाठी 30 अक्टूबर को पहुँचे। वोटर लिस्ट के अनुसार यहाँ 45 लोगों के नाम दर्ज थे। नियम के अनुसार उन्होंने मकान मालिक कमलेश कुमार को सभी 45 एसआईआर फार्म दिए।
कमलेश ने खुद, पत्नी और बेटे के नाम पर सिर्फ 3 फार्म भरकर लौटा दिए। बाकी 42 फार्म खाली रहे। पूछताछ में कमलेश ने स्पष्ट कह दिया कि उन्हें उन 42 लोगों के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं।
बीएलओ ने पड़ोसियों और आसपास रहने वालों से भी जानकारी इकट्ठा की, लेकिन किसी को भी इन नामों के बारे में जानकारी नहीं मिली। इसके बाद मामला बड़े अधिकारियों तक पहुँचा और डीएम गौरांग राठी को रिपोर्ट भेजी गई।
जांच के लिए असिस्टेंट इलेक्टोरल ऑफिसर फहद को मौके पर भेजा गया। उन्होंने भी मौके पर केवल एक ही परिवार पाया। बाकी 42 मतदाताओं का कोई सुराग नहीं मिला।
अधिकारियों ने रिपोर्ट निर्वाचन आयोग को भेज दी है और यह पूछा है कि इन काल्पनिक मतदाताओं को सूची से कैसे हटाया जाए। आयोग की ओर से प्रतिक्रिया का इंतजार है।
चुनाव विभाग अब इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से देख रहा है। मतदाता सूची की पारदर्शिता सुनिश्चित करने और फर्जी नाम हटाने की दिशा में कार्रवाई जारी है।






