एसएसपी संजय वर्मा ने किया पर्दाफाशः मेरठ-नेपाल-बांग्लादेश तक फैला था शातिर गिरोह का नेटवर्क, बरामद मोबाइल में एप्पल के सर्वाधिक फोन शामिल
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर पुलिस ने मोबाइल चोरी और छिनैती की बढ़ती वारदातों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो महंगे मोबाइल चुराकर देश के विभिन्न हिस्सों के साथ नेपाल और बांग्लादेश तक में सप्लाई करता था। इसी गिरोह ने भाजपा नेता से भी आईफोन की लूट को अंजाम दिया था। गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 30 लाख रुपये मूल्य के 29 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें अधिकतर एप्पल आईफोन शामिल हैं। इनका एक साथी फरार हो गया है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन के सभाकक्ष में प्रेस वार्ता के दौरान मीडिया कर्मियों को नई मंडी पुलिस के गुडवर्क की जानकारी दी। एसएसपी ने बताया कि थाना प्रभारी ब्रजेश कुमार शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने मोबाइल चोरी व छिनैती करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को एटूज़ेड तिराहे से गिरफ्तार कर गिरोह का पर्दाफाश किया। एसएसपी ने बताया कि 1 दिसंबर 2025 को शहर के मौहल्ला कल्याणपुरी, लक्ष्मण विहार निवासी भाजपा नेता सचिन सिंघल का सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल एक अज्ञात व्यक्ति द्वारा गाली-गलौज करते हुए छीन लिया गया था। पीड़ित की तहरीर पर नई मंडी थाने में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने त्वरित जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले और चोरी/छिनैती के एक संगठित गिरोह की जानकारी सामने आई। इसी आधार पर पुलिस टीमों का गठन किया गया और लगातार निगरानी करते हुए 07 दिसंबर की रात दो अभियुक्तों को गिरफ्तार कर दिया गया। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से घटना में छीना गया मोबाइल फोन और 28 अन्य चोरी/छिनैती के मोबाइल बरामद किए। बरामद फोन मुख्यतः एप्पल कंपनी के आईफोन हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 30 लाख रुपये आंकी गई है। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 317(2) बीएनएस की बढ़ोत्तरी की गई है तथा बरामद 28 मोबाइलों के संबंध में नई मंडी थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया है।
एसएसपी संजय वर्मा ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने खुलासा किया कि वे विशेष रूप से महंगे मोबाइल, खासकर आईफोन, को निशाना बनाते थे क्योंकि इनकी मांग अधिक रहती है और ये ऊंचे दामों पर बिकते हैं। दोनों ने स्वीकार किया कि चोरी और छीने गए मोबाइल फोन वे देश के भीतर विभिन्न शहरों और नेपाल व बांग्लादेश में बेचते थे। गिरफ्तार अभियुक्त में फराज उर्फ कांचा पुत्र रहीस आलम निवासी मौ. गुदड़ी बाजार मेरठ और सुहैल पुत्र शफीक निवासी मकबरा जनपद मेरठ शामिल हैं। जबकि इनका एक साथी महफूज पुत्र फजलू रहमान निवासी रशीदनगर थाना ब्रह्मपुरी मेरठ फरार हो गया। इन दोनों शातिरों का अपराधिक इतिहास चौंकाने वाला मिला है। फराज उर्फ कांचा के खिलाफ गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और मेरठ के विभिन्न थानों में चोरी, लूट, एनडीपीएस सहित कई मामले दर्ज हैं। कुल 8 मुकदमे अब तक सामने आए हैं। सुहैल पर भी चोरी, हथियार एक्ट सहित कई धाराओं में कुल 6 मामले दर्ज हैं। इनको गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश कुमार शर्मा, उपनिरीक्षक संदीप सिंह व दीपक मावी, कांस्टेबल रोहित कुमार, मुनेश कुमार, अभिषेक नागर और नरेश कुमार शामिल रहे। नई मंडी पुलिस ने फरार अभियुक्त महफूज की गिरफ्तारी हेतु अतिरिक्त टीम गठित कर दी है। पुलिस मानती है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से शहर में मोबाइल चोरी की कई लंबित वारदातों का पर्दाफाश होने की संभावना है।






