आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने सीएम और प्रभारी मंत्री से की थी शिकायत, प्रशासन में नजर आई हलचल
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर जिले में सिंचाई विभाग द्वारा निर्मित एक सड़क में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा है। बघरा ब्लॉक के पीनना गांव में रजवाहे चरथावल पटरी पर बनी यह सड़क मात्र आठ दिन में ही उखड़ गई। स्थानीय किसान और आरटीआई कार्यकर्ता सुमित मलिक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। शनिवार को एक कार्यक्रम में मुख्यालय पहुंचे प्रभारी मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर को भी सुमित ने शिकायत करते हुए जांच की मांग की। इसी बीच सीडीओ कमल किशोरी कंडारकर विभागीय अधिकारियों को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और सड़क निर्माण एवं इसकी गुणवत्ता की जांच करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिये।
सुमित मलिक ने अपनी शिकायत पत्र में दावा किया है कि अधीक्षण अभियंता, विकासखंड गंगा नहर सिंचाई विभाग मुजफ्फरनगर द्वारा 6-7 किलोमीटर से अधिक लंबी यह सड़क मात्र एक सप्ताह में बनाई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया, जिसके वीडियो फुटेज भी उपलब्ध हैं। सुमित मलिक ने सिंचाई विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से निर्माण में भारी अनियमितताओं का आरोप लगाया है। उनके अनुसार, सड़क की पटरी पर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया, जिससे इसकी मजबूती पर सवाल उठ रहे हैं। मलिक ने मांग की है कि सड़क की गुणवत्ता की जांच कराई जाए और एक जांच कमेटी गठित कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
मलिक ने यह भी उल्लेख किया कि यह सड़क ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई और परिवहन के लिए महत्वपूर्ण है। भ्रष्टाचार के कारण इसके जल्दी खराब होने से किसानों को नुकसान होगा। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। इसी को लेकर सुमित मलिक शनिवार को भी सक्रिय रहे और प्रदेश सरकार के ऊर्जा विभाग के राज्यमंत्री तथा मुजफ्फरनगर के प्रभारी मंत्री डॉ. सोमेन्द्र तोमर को भी सुमित ने शिकायत की। इसका असर भी दिखाई दिया। सीडीओ ने बताया कि मौके पर जाकर प्रथम दृष्टया जांच की गई है। इसके लिए विभागीय अफसरों से निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर रिपोर्ट मांगी गई है।





