देहरादून वाइफ स्वैपिंग हत्या मामला: दोस्त के दबाव से तंग आकर सफाईकर्मी ने ईंट से कर दी हत्या

नजीबाबाद। देहरादून वाइफ स्वैपिंग हत्या मामला सामने आने के बाद उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। देहरादून सचिवालय में तैनात एक आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी ने अपने ही दोस्त की हत्या कर दी। आरोप है कि मृतक लगातार उसकी पत्नी को लेकर अश्लील टिप्पणी करता था और वाइफ स्वैपिंग के लिए दबाव बना रहा था। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

हाईवे किनारे मिला था शव

एएसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह ने बताया कि 21 दिसंबर की शाम हरिद्वार-काशीपुर नेशनल हाईवे पर नजीबाबाद बाईपास के पास एक शव बरामद हुआ था। शव की पहचान सुरेंद्र सिंह, निवासी गांव हरचंदपुर, थाना नांगल के रूप में हुई। सुरेंद्र पिछले कई वर्षों से देहरादून में रह रहा था। शव मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।

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दोस्ती से शुरू हुई कहानी, हत्या पर खत्म

जांच में सामने आया कि सुरेंद्र सोमवार सुबह बाइक से अपने गांव हरचंदपुर आया था। इस बात की जानकारी उसके दोस्त संदीप, निवासी नालापानी रोड, थाना डालनवाला, देहरादून को थी। तय योजना के तहत संदीप बस से पहले रुड़की, फिर हरिद्वार और उसके बाद मंडावली पहुंचा। मंडावली में उसकी मुलाकात सुरेंद्र से हुई। इसके बाद दोनों नजीबाबाद पहुंचे।पुलिस के मुताबिक, नजीबाबाद बाईपास पर सुनारोवाली के पास दोनों ने शराब पी। इसी दौरान संदीप ने ईंट से वार कर सुरेंद्र की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने शव को जलाने की कोशिश भी की और ऊपर से जैकेट डाल दी। हालांकि, उसी समय गश्त कर रहे दो पुलिसकर्मी मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी वहां से फरार हो गया।

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पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी संदीप देहरादून सचिवालय में आउटसोर्सिंग सफाईकर्मी के रूप में तैनात है। पूछताछ में उसने बताया कि सुरेंद्र उसका पुराना दोस्त था और उसने उससे 80 हजार रुपये उधार भी ले रखे थे।
देहरादून वाइफ स्वैपिंग हत्या मामला में आरोपी संदीप ने बताया कि सुरेंद्र लगातार उसकी पत्नी को लेकर अश्लील टिप्पणी करता था और वाइफ स्वैपिंग के लिए दबाव डालता था। मृतक आपराधिक प्रवृत्ति का भी था, जिस कारण वह लंबे समय तक खुलकर उसका विरोध नहीं कर सका। 

क्राइम पेट्रोल देखकर बनाई योजना

संदीप ने पुलिस को बताया कि उसने क्राइम पेट्रोल देखकर हत्या के ऐसे तरीकों पर विचार किया, जिससे पुलिस उसे पकड़ न सके। इसी वजह से उसने अपना मोबाइल फोन रुड़की में ही छोड़ दिया, ताकि उसकी लोकेशन वहीं बनी रहे। इसके बाद वह अपने भाई की दुकान से एक सफेद हुडी जैकेट खरीदकर बस से आगे गया, ताकि सीसीटीवी में पहचान न हो सके। हत्या के बाद आरोपी की वही सफेद हुडी जैकेट घटनास्थल पर छूट गई। जैकेट की जेब से हरिद्वार से मंडावली तक का बस टिकट भी मिला। इसके आधार पर पुलिस ने मंडावली और हरिद्वार के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। दोनों स्थानों पर हुडी जैकेट पहने आरोपी की गतिविधियां कैद हो गईं, जिसके बाद पुलिस आरोपी तक पहुंच गई।

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