कहा-वीबी जी राम जी अधिनियम को लेकर विपक्ष भटकाने में जुटा, ऐतिहासिक योजना में रोजगार गारंटी
मुज़फ्फरनगर। विकास भवन में सोमवार को आयोजित प्रेस वार्ता में उत्तर प्रदेश सरकार के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने केन्द्र सरकार के विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानूनकृ2025 ;वीबी जी राम जीद्ध की अवधारणा, क्रियान्वयन और उसके व्यापक प्रभावों पर विस्तार से जानकारी दी। मंत्री अग्रवाल ने विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों और आरोपों को नकारात्मक राजनीति बताते हुए सख्त नाराज़गी भी जताई। उन्होंने कहा कि यह कानून गांवों के आर्थिक ताने-बाने को मजबूत करने वाला है और इसे विपक्ष अनावश्यक रूप से विवादित बना रहा है।
विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) कानूनकृ2025 के सफल क्रियान्वयन को लेकर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने पत्रकारों के समक्ष कानून के उद्देश्यों, लाभों और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन की संभावनाओं को रेखांकित किया। मंत्री कपिल देव ने कहा कि यह कानून ग्रामीण भारत की आत्मनिर्भरता का आधार बनने वाला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना के तहत ग्रामीण युवाओं, किसानों, महिला स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को रोजगार, कौशल प्रशिक्षण और स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की यह पहल सिर्फ एक रोजगार गारंटी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास का व्यापक रोडमैप है, जिसमें कौशल आधारित प्रशिक्षण, स्थानीय संसाधनों का उपयोग, माइक्रोदृउद्यमों को बढ़ावा तथा तकनीक के समावेशन को प्राथमिकता दी गई है। पत्रकारों के सवालों के जवाब में उन्होंने विपक्ष द्वारा अधिनियम को लेकर उठाए जा रहे सवालों को निराधार बताया। मंत्री ने कहाकृ कि विपक्ष का काम सिर्फ नकारात्मक राजनीति करना और जनता को भ्रमित करना रह गया है। वीबी जी राम जी अधिनियम गांवों की उन्नति के लिए बनाया गया है। यह योजना गरीबों के लिए है, युवाओं के लिए है, महिला सशक्तिकरण के लिए है, फिर भी विपक्ष इसे विवादों में घसीटकर ग्रामीण विकास की गति रोकने का प्रयास कर रहा है।
उन्होंने कहा कि ज़मीनी स्तर पर ही नहीं, बल्कि नीति-निर्माण में भी पारदर्शिता, तकनीकी निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। यह योजना काग़ज़ी नहीं, बल्कि व्यवहारिक मॉडल है, जिसका लाभ जल्द ही देश को दिखाई देगा। मंत्री अग्रवाल ने दावा किया कि कानून का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलना है। यह कानून हमारे ग्रामीण परिवारों को रोजगार, कौशल, उद्यम और विकास के नए अवसर देगा। हमारी सरकारों का उद्देश्य है कि हर जरूरतमंद को सम्मानजनक काम मिल सके, हर युवा को कौशल मिले और हर गांव आत्मनिर्भर बने। इस दौरान मुख्य रूप से जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. वीरपाल निर्वाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, रालोद जिलाध्यक्ष संदीप मलिक, सुनील दर्शन और सीडीओ कमल किशोरी कंडारकर भी उपस्थित रहे।


