बॉर्डर से शिव चौक तक भारी पुलिस बल की तैनाती, पुलिस चौकी पर बैठकर वीडियो कॉल से पीड़ित परिवार से की बात, न्याय और मुआवज़े की उठाई मांग
मुजफ्फरनगर। मेरठ के ज्वालागढ़ में हुए दलित युवक सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय पीड़ित परिवार से मिलने मुजफ्फरनगर के लिए रवाना हुए, लेकिन जिले की सीमा में प्रवेश करने से पहले ही पुलिस ने उन्हें मेरठ-मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर ही रोक दिया। घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तनावपूर्ण माहौल बन गया, जबकि अजय राय पुलिस की सख्ती के कारण बिना परिवार से मिले वापस लौटने को मजबूर हुए।
सोनू कश्यप हत्याकांड को लेकर प्रदेश में सियासत गरमा गई है, लगातार राजनीतिक दलों के लोगों के मुजफ्फरनगर पहुंचने को लेकर पुलिस और प्रशासन सतर्क एवं सक्रिय है। गुरूवार को भी जिले में राजनीतिक माहौल गरम रहा, जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को मुजफ्फरनगर बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया। कांग्रेस नेता मृतक सोनू कश्यप उर्फ रीनू के परिजनों से मिलने जा रहे थे। पुलिस ने मेरठ-मुजफ्फरनगर सीमा पर भंगेला चेक पोस्ट से आगे बढ़ने की उनको अनुमति नहीं दी। इससे पहले उनका काफिला पुलिस ने दौराला टोल प्लाज़ा पर कड़ी चेकिंग के दौरान रोक लिया था, वहां से वो जबरन आगे बढ़ आये थे।

भंगेला चेक पोस्ट पर प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को रोकने के लिए की गई पुलिस की कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और बैरिकेडिंग हटाने का प्रयास किया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। प्रशासन ने एहतियातन भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। यहां पर अजय राय की कार को भी हाईवे पर ही रोक लिया गया। इस दौरान सीओ के साथ उनकी बहस का वीडियो भी वायरल हुआ। पुलिस की कार्रवाई के विरोध में अजय राय पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ भंगेला पुलिस चौकी पर जाकर बैठ गये और सोनू कश्यप के घर जाने की जिद पर अड़े रहे। अजय राय ने मौके पर मौजूद पत्रकारों से कहा कि वह केवल सोनू कश्यप के परिवार को सांत्वना देने जा रहे थे, लेकिन प्रशासन उन्हें रोककर अन्याय कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने बिना किसी स्पष्ट कारण के उन पर पाबंदी लगाते हुए उन्हें वापस लौटने के लिए मजबूर किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन पर धारा 163 के तहत रोक लगाई और यहां तक कि उन्हें उनकी गाड़ी में जाने की अनुमति भी नहीं दी। अजय राय ने कहा कि मैं पुलिस की गाड़ी से जाने को भी तैयार था, लेकिन सरकार चाहती है कि पीड़ित परिवार की आवाज उठे ही नहीं।

प्रशासनिक रोक के बाद कांग्रेस नेताओंकृसलमान सईद और पूर्व सांसद सईदुज़्जमाकृने वीडियो कॉल के ज़रिए अजय राय की पीड़ित परिवार से बातचीत कराई। वीडियो संवाद में अजय राय ने परिवार को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़ी है और न्याय दिलाने की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ी जाएगी। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने सोनू कश्यप के परिजनों के लिए न्याय की मांग करते हुए कहा कि इस हत्याकांड के दोषियों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

उन्होंने यह भी बताया कि यह दौरा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के निर्देश पर निर्धारित किया गया था, लेकिन प्रशासन ने उन्हें मिलने नहीं दिया। इससे पहले पुलिस ने अजय राय के साथ मौजूद पूर्व मंत्री दीपक कुमार, जिला अध्यक्ष सतपाल कटारिया, कमल मित्तल, मनोज चौधरी, अनिल चौधरी, मदन शर्मा सहित कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेकर भंगेला पुलिस चौकी पर बैठाए रखा। अजय राय बारदृबार प्रशासन से पीड़ित परिवार से मिलने देने की मांग करते रहे, लेकिन अनुमति न मिलने पर अंततः उन्हें वापस लौटना पड़ा। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतपाल कटारिया ने इस कार्रवाई को अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि सरकार पीड़ित की आवाज़ दबाने का प्रयास कर रही है। पार्टी नेताओं ने कहा कि सोनू कश्यप की नृशंस हत्या पर सरकार की चुप्पी चिंताजनक है और कांग्रेस पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सड़क से लेकर विधान भवन तक संघर्ष करेगी। मौके पर सलमान सईद, अनमोल जैन, दिनेश पाल, उमर वकील, अफसर, फखरुद्दीन, मनसब चौधरी, ईश्वर सिंह, गफ्फार त्यागी, नासिर अहमद, नितिन बारूकी, जय भगवान टोंक, राकेश पुंडीर समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।






