घंटों इंतज़ार करने वाले सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर लगा ब्रेक, कार से ही हाथ जोड़कर अभिवादन कर निकल गए प्रदेश अध्यक्ष
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में रविवार का दिन भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए उत्साह के साथ-साथ निराशा भी लेकर आया। पहली बार जिले से गुजर रहे भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत करने के लिए सैकड़ों कार्यकर्ता हाईवे पर खड़े रहे, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष बिना कार से उतरे सिर्फ हाथ जोड़कर आगे बढ़ गए। इस घटनाक्रम ने कार्यकर्ताओं में मायूसी और नाराज़गी की लहर पैदा कर दी है। मंत्री कपिल देव और भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी ने उनके भव्य स्वागत और अभिनंदन की तैयारी कर कार्यकर्ताओं को हाईवे पर बुलाया था।

भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी पहली बार मुजफ्फरनगर की धरती पर पहुंचे, लेकिन उनका यह आगमन कार्यकर्ताओं की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। वो कार से जमीन पर उतरने के बजाये सीधे हाथ जोड़कर निकल गये और कार्यकर्ता ठगे रह गये। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दिल्लीदृदेहरादून हाईवे स्थित गुप्ता रिसॉर्ट पर भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी और वरिष्ठ नेता उनके स्वागत के लिए घंटों से डटे हुए थे। कार्यकर्ताओं की भीड़ और उत्साह का माहौल तब निराशा में बदल गया, जब प्रदेशाध्यक्ष का काफिला हाईवे पर पहुंचा। कार्यकर्ताओं ने नारों के साथ स्वागत का माहौल बनाया, लेकिन प्रदेशाध्यक्ष पंकज चौधरी अपनी कार से बाहर तक नहीं आए। उन्होंने सिर्फ कार की गति धीमी की, शीशा खोलकर हाथ जोड़े और बिना एक शब्द बोले आगे बढ़ गए।

रविवार की सुबह ही उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल ने सोशल मीडिया के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सूचना दी थी कि नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष मुजफ्फरनगर से होकर गुजरेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से हाईवे स्थित गुप्ता रिसॉर्ट पहुंचकर गर्मजोशी से स्वागत करने की अपील की थी। इसके बाद मंत्री कपिल देव अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी, पार्टी पदाधिकारी, मंडल अध्यक्ष, मोर्चों के पदाधिकारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और समर्थक निर्धारित स्थान पर समय से पहले पहुँच गए। सभी ने उत्साहित माहौल में घंटों तक इंतजार किया।

जैसे ही प्रदेशाध्यक्ष का काफिला दिखाई दिया, कार्यकर्ताओं में जोश की लहर दौड़ पड़ी। कार्यकर्ताओं ने नारे लगा कर स्वागत का माहौल बनाया। लेकिन जैसे ही कार पास आई, प्रदेशाध्यक्ष ने बिना उतरे ही हाथ जोड़कर अभिवादन किया और तुरंत आगे बढ़ गए। कार्यकर्ता नारे लगाते रह गए और प्रदेशाध्यक्ष का काफिला हाईवे से गुजर गया। इस पर कई कार्यकर्ताओं ने आपस में नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष कम से कम दो मिनट रुककर कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा सकते थे।
राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए कहा किकृप्रदेशाध्यक्ष देवबंद में एक शोकसभा में शामिल होने जा रहे थे। कार्यक्रम बेहद कम समय में तय हुआ था। समय की कमी के चलते वह नहीं रुक पाए। जिला अध्यक्ष डॉ. सुधीर सैनी ने भी कहा कि कार्यकर्ताओं में किसी तरह की नाराजगी नहीं है और प्रदेशाध्यक्ष के पास समय कम था, इसलिए उनको रोकना उचित नहीं समझा गया। मुजफ्फरनगर के राजनीतिक गलियारों में यह घटनाक्रम चर्चा का केंद्र बना हुआ है। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि इतने बड़े स्तर पर उपस्थित होकर भी प्रदेशाध्यक्ष का कार्यकर्ताओं से न मिलना मनोबल को ठेस पहुंचाने वाला है। कुछ वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने दबी आवाज में कहा कि पार्टी संगठन कार्यकर्ताओं के जोश से चलता है, ऐसे में उनका सम्मान होना जरूरी है।






