यूएफबीयू के आह्वान पर मुजफ्फरनगर में सैकड़ों बैंक कर्मचारी-अधिकारी सड़कों पर उतरे, सरकार की उदासीनता पर जताया आक्रोश
मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर में मंगलवार को बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों का आक्रोश खुलकर सामने आया। लंबे समय से लंबित मांगों, विशेष रूप से सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने को लेकर केंद्र सरकार की चुप्पी के विरोध में यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के बैनर तले विशाल प्रदर्शन और एकदिवसीय हड़ताल का आयोजन किया गया।
मंगलवार को प्रातः 9.30 बजे भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा रेलवे रोड, मुजफ्फरनगर के समक्ष भारतवर्ष में कार्यरत बैंक कर्मचारियों एवं अधिकारियों के शत-प्रतिशत प्रतिनिधित्व करने वाले नौ बैंक यूनियनों के साझा मंच यूएफबीयू के आह्वान पर एक विशाल प्रदर्शन आयोजित किया गया। प्रदर्शन के साथ ही जिले के समस्त बैंक कर्मचारी व अधिकारी पूरे दिन की एकदिवसीय हड़ताल पर रहे। प्रदर्शन की शुरुआत करते हुए यूएफबीयू के जिला अध्यक्ष तथा उत्तर प्रदेश बैंक एम्प्लाइज यूनियन (यूपीबीईयू) मुजफ्फरनगर के जिला मंत्री आर.पी. शर्मा ने कहा कि 8 मार्च 2024 को हुए पिछले द्विपक्षीय समझौते में बैंक यूनियनों और बैंक प्रबंधन के बीच सप्ताह में पांच दिन बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बन चुकी थी। इस सहमति के अंतर्गत बैंककर्मियों ने प्रतिदिन अधिक समय तक कार्य करने पर भी सहमति व्यक्त की थी। यह प्रस्ताव संस्तुति सहित केंद्र सरकार को भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश सरकार ने अब तक इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया।

उन्होंने कहा कि बार-बार आंदोलन के बावजूद केवल झूठे आश्वासन ही दिए गए, जिससे बैंक यूनियनों के सामने हड़ताल जैसे कठोर कदम उठाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि जब तक उनकी न्यायसंगत मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलनात्मक कार्यक्रम जारी रहेंगे। प्रदर्शन को तेजराज गुप्ता (अध्यक्ष, पीएनबीपीए), मुकेश भार्गव, गौरव किशोर (सी.ओ. कन्वीनर, यूएफबीयू), फतेह सिंह (अध्यक्ष, एआईपीएनबीओए, मुजफ्फरनगर), सचिन चौधरी (डीजीएस, मेरठ मॉड्यूल, एसबीआई), अनंगपाल (जोनल सेक्रेटरी, एसबीआई), जितेंद्र बालियान (ब्रांच सेक्रेटरी, एसबीआई), कृष्णा रॉयल, उमेश (जिला मंत्री, स्टेट बैंक) तथा यशवीर सिंह (अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक एवं यूपीबीईयू मुजफ्फरनगर) ने भी संबोधित किया।
प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, किंतु बैंक यूनियनों ने साफ कर दिया कि यदि सरकार ने शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि बैंककर्मियों पर बढ़ते कार्यभार, स्टाफ की कमी और कामकाजी परिस्थितियों में सुधार के लिए पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह समय की आवश्यकता है। उन्होंने केंद्र सरकार और बैंक प्रबंधन से कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से लेने की अपील की। प्रदर्शन के दौरान उपस्थित सैकड़ों बैंक कर्मचारी एवं अधिकारियों ने सरकार और बैंक प्रबंधन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी कर अपना रोष प्रकट किया। प्रदर्शन को सफल बनाने में राजीव जैन, बी.के. सूर्यवंशी, लक्ष्मण सिंह, रविंद्र सिंह, डी.के. बंसल, प्रदीप मलिक, संजय, कपिल, मोनू, राजेश, रजनीश गुप्ता, दीपांकर, अभिलाष, अनुज शर्मा, संजीव जैन सहित अनेक साथियों का विशेष योगदान रहा।






