जयंत चौधरी के आने से पहले भाकियू नेताओं पर शिकंजा

पुलिस ने की घेराबंदी, जिलाध्यक्ष नवीन चौधरी सहित कई भाकियू पदाधिकारियों को किया हाउस अरेस्ट, कार्यकर्ताओं को रास्ते में रोका गया

मुजफ्फरनगर। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री और राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी के जनपद आगमन से पहले ही किसान संगठनों की सक्रियता ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। भारतीय किसान यूनियन (अराजनीतिक) के प्रदेश प्रभारी अंकित चौधरी के आह्नान पर कार्यकर्ताओं द्वारा जयंत चौधरी का घेराव और प्रदर्शन करने की घोषणा के बाद पुलिस ने देर रात से ही सख्ती दिखाते हुए जिलेभर में भाकियू पदाधिकारियों के घरों की घेराबंदी शुरू कर दी थी। भाकियू जिलाध्यक्ष अक्षु त्यागी सहित पुलिस अफसरों ने कई पदाधिकारियों को उनके घरों में ही नजरबंद कर दिया तो सड़कों पर उतरे कार्यकर्ताओं की भी घेराबंदी कर उनको कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोक दिया गया।

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बताया गया कि जयंत चौधरी शुक्रवार को बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सावटू पहुंचे, जहां किसानों की एक सभा आयोजित थी। यहां पर जयंत चौधरी द्वारा अपनी सांसद निधि से कुछ विकास कार्य कराये, जिनका लोकार्पण करने के लिए वो पहुंचे थे। इस मौके पर किसान मजदूरों की समस्याओं को लेकर भाकियू (अराजनीतिक) के पदाधिकारी व कार्यकर्ता उनसे मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस प्रशासन ने शाहपुर और अन्य इलाकों में रोकथाम कर दी। जिला अध्यक्ष को हाउस अरेस्ट किया गया, जबकि कार्यकर्ताओं को विभिन्न स्थानों पर हिरासत में लिया गया। बुढ़ाना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर आनंद देव मिश्रा भारी फोर्स के साथ कई किसान नेताओं के घर पहुंचे और उन्हें नजरबंद कर दिया। इसी तरह अन्य इलाकों में भी किसान नेताओं को घरों से बाहर निकलने से रोका गया।

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शाहपुर के साथ ही कई जगह पुलिस ने किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं को रास्ते में ही रोककर गिरफ्तार कर लिया ताकि वे सावटू गांव में हो रहे कार्यक्रम तक न पहुंच पाएं। संगठन के जिलाध्यक्ष अक्षु त्यागी को मंसूरपुर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया था। इस दौरान मौके पर मौजूद रहे भाकियू (अराजनीतिक) के जिला उपाध्यक्ष नौशाद राणा, युवा जिला उपाध्यक्ष असद खान, युवा महानगर अध्यक्ष वसीम खान, अफजल सिद्दीकी, गयूर मालिक (ब्लॉक अध्यक्ष बुढ़ाना), पिंटू ठाकुर और तहसील अध्यक्ष बुढ़ाना सुभाष मलिक आदि कार्यकर्ताओं को पुलिस अपने साथ बैठाये रही। अंकित चौधरी ने कहा कि किसान और मजदूर अपनी समस्याओं को नेताओं तक पहुँचाना चाहते हैं, लेकिन पुलिस प्रशासन उन्हें रोक रहा है। उनका कहना है कि हम जयंत चौधरी से यही सवाल करना चाहते हैं कि जगदीप धनखड कहां है, वो उनकी तलाश करें और सच सामने लाया जाये। उन्होंने कहा कि वे इन अरेस्टिंग से न तो डरते हैं और न घबराते हैं। यदि जयंत चौधरी से मुलाकात नहीं हुई तो वे अपनी समस्याएं थानों तक लेकर जाएंगे। इस घटनाक्रम के चलते जिले में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पुलिस फोर्स विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर तैनात की गई है।

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