जयंत चौधरी ने कार्तिक को गांव पहुंचकर दी श्रद्धांजलि

रामपुरी के लोगों में नाराजगी, नहीं पहुंचे सांसद और विधायक, अधिकारियों ने नहीं ली पीड़ितों की सुध

मुजफ्फरनगर। रामपुरी क्षेत्र के जम्मू हादसे में पांच लोगों की मौत से क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। मृतकों में दो सगे भाई दीपेश और अनंत, मां-बेटी रामबीरी और अंजली, तथा ममतेश शामिल हैं। यह क्षेत्र बिजनौर लोकसभा व पुरकाजी विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है। हादसे ने पूरे जिले को गमगीन कर दिया है। परिजन नेताओं और अधिकारियों की अनदेखी से आहत हैं और पीड़ित परिवारों को राहत व न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।

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जानकारी के अनुसार, धर्मवीर प्रजापति के नेतृत्व में 23 लोग 25 अगस्त को ट्रेन से कटरा पहुंचे थे। माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की थी कि 26 अगस्त को हुए भूस्खलन में कई यात्री हादसे का शिकार हो गए। इस हादसे में कई लोग घायल और लापता भी बताए जा रहे हैं। स्थानीय सांसद चंदन सिंह चौहान और कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार के न पहुंचने से लोगों में रोष है। इसके साथ ही जिलाधिकारी के प्रति भी गुस्सा है। कोई भी धिकारी इन पीड़ित परिवारों की सुध लेने नहीं पहुंचा है। शुक्रवार को ग्रामीणों ने पीड़ित परिवारों के साथ मिलकर प्रदर्शन किया और नेताओं पर उदासीनता का आरोप लगाया। इस बीच प्रदेश सरकार में मंत्री कपिल देव और पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान ने रामपुरी पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। सपा महासचिव और मुजफ्फरनगर सांसद हरेन्द्र मलिक के छोटे पुत्र निशांत मलिक भी पीड़ितों के बीच पहुंचे। इधर, रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी भी मुजफ्फरनगर पहुंचे। वैष्णो देवी हादसे में मारे गए कार्तिक की खबर मिलते ही वे उसके पैतृक गांव अलीपुर खुर्द पहुंचे। कार्तिक अपने पिता मिंटू कश्यप, मां संगीता और बहनों उमंग व वैष्णवी के साथ यात्रा पर गया था। हादसे में पूरा परिवार घायल हुआ, जबकि कार्तिक की मौत हो गई। वह परिवार का इकलौता पुत्र था।

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