यूजीसी इक्विटी कानूनः हिंदूवादी नेता ने रक्त से लिखा पीएम मोदी के नाम पत्र

गांव रोनी हरजीपुर में सवर्ण समाज के लोगों ने किया प्रदर्शन, अंकुर राणा ने की कानून वापसी की मांग

मुजफ्फरनगर। बुधवार को गांव रोनी हरजीपुर के प्राथमिक विद्यालय परिसर में बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हुए। यहां यूजीसी इक्विटी एक्ट के विरोध में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार के इस फैसले के प्रति नाराजगी जाहिर करते हुए इसे समाज को बांटने वाला कानून बताया।

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इस दौरान हिंदूवादी नेता अंकुर राणा ने प्रतीकात्मक विरोध दर्ज कराते हुए अपने रक्त से एक पत्र लिखा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा गया। अंकुर राणा ने कहा कि यह कानून हिंदू समाज को एकजुट करने के बजाय उसे जातिगत आधार पर विभाजित करेगा। इससे समाज में वैमनस्य बढ़ेगा और विशेषकर युवाओं के बीच भेदभाव की भावना और गहरी होगी। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज को एकजुट रखने की आवश्यकता है, लेकिन यूजीसी इक्विटी कानून समाज को अलग-अलग वर्गों में बांटने का काम करेगा, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। प्रदर्शन के दौरान सवर्ण समाज के लोगों ने इस कानून को “काला कानून” करार देते हुए इसे तत्काल प्रभाव से हटाने की मांग की। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन लोगों में सरकार के फैसले को लेकर गहरा रोष देखने को मिला। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस कानून पर पुनर्विचार नहीं किया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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