नई दिल्ली: चांदी में निवेश करने वालों के लिए शुक्रवार की सुबह किसी झटके से कम नहीं रही। हाल ही में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद सिल्वर मार्केट में अचानक तेज गिरावट देखने को मिली है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतें एक ही कारोबारी सत्र में करीब 5 फीसदी तक लुढ़क गईं, जिससे बाजार में हलचल मच गई।
बीते दो दिनों में चांदी ने पहले निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न से उत्साहित किया और अब अचानक आई गिरावट ने सबको चौंका दिया है। गुरुवार को जहां चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंची थी, वहीं कुछ ही समय में भाव करीब 20 हजार रुपये नीचे फिसल गए।
30 जनवरी 2026 की सुबह MCX पर जैसे ही कारोबार शुरू हुआ, चांदी दबाव में नजर आई। सुबह करीब 9:07 बजे मार्च एक्सपायरी वाली चांदी 3,79,942 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी। इसमें लगभग 19,951 रुपये यानी करीब 4.99 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले के कारोबारी सत्र में चांदी 3,99,893 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
29 जनवरी को चांदी ने पहली बार MCX पर 4 लाख रुपये प्रति किलो का आंकड़ा पार किया था। उस दौरान बाजार में तेजी का माहौल था और चांदी, सोने से भी बेहतर प्रदर्शन कर रही थी। लेकिन रिकॉर्ड स्तर के बाद मुनाफावसूली शुरू होते ही तस्वीर बदल गई। कुछ ही घंटों में चांदी के दाम करीब 65 हजार रुपये तक टूट गए और शुक्रवार को गिरावट और गहरी हो गई।
चांदी की कमजोरी सिर्फ घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सिल्वर पर दबाव दिखा। वैश्विक स्तर पर चांदी करीब 3.5 फीसदी गिरकर 110.41 डॉलर प्रति औंस के आसपास आ गई। इससे पहले वहां भी तेज उछाल देखा गया था, लेकिन अचानक बिकवाली ने रुख पलट दिया।
विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी में आई इस तेज गिरावट की सबसे बड़ी वजह मुनाफावसूली है। बीते कुछ हफ्तों में कीमतें बहुत तेजी से ऊपर गई थीं, जिससे ऊंचे स्तरों पर निवेशकों ने प्रॉफिट बुक करना शुरू कर दिया। इसके अलावा, जिस स्तर पर कीमतें पहुंचीं वहां मजबूत भौतिक मांग नजर नहीं आई। जैसे ही खरीद का दबाव कमजोर पड़ा, बिकवाली बढ़ी और दाम फिसलते चले गए।
अब निवेशकों की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या चांदी में यह गिरावट आगे भी जारी रहेगी या फिर निचले स्तरों से दोबारा तेजी लौटेगी।






