वर्तमान समय में इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, ऐसे में स्मार्ट तकनीक के साथ सुरक्षित सोच अपनाना अत्यंत आवश्यक
मुजफ्फरनगर। डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए सुरक्षित और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जनपद मुजफ्फरनगर में सुरक्षित इंटरनेट दिवस के अवसर पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों को इंटरनेट सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव तथा सतर्कता के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
कचहरी परिसर स्थित जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को सुरक्षित इंटरनेट दिवस 2026 के अवसर पर एक जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्मार्ट तकनीक, सुरक्षित भविष्य की थीम के अंतर्गत किया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अपराध इंदु सिद्धार्थ एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त) गजेंद्र सिंह द्वारा संयुक्त रूप से की गई। इस अवसर पर दोनों अधिकारियों ने जनपद के समस्त विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को इंटरनेट सुरक्षा के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यशाला के दौरान साइबर अपराधों की बदलती प्रकृति पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों को ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी लिंक और कॉल, डिजिटल गिरफ्तारी (डिजिटल अरेस्ट), ओटीपी धोखाधड़ी एवं बैंकिंग फ्रॉड जैसे विषयों पर जागरूक किया गया। साथ ही, विभिन्न प्रकार के साइबर फ्रॉड से बचने के उपाय समझाने के लिए एक जानकारीपरक वीडियो भी प्रदर्शित की गई।

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान समय में इंटरनेट हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बन चुका है, ऐसे में स्मार्ट तकनीक के साथ सुरक्षित सोच अपनाना अत्यंत आवश्यक है। यदि सतर्कता न बरती जाए तो साइबर अपराधी आसानी से लोगों को अपना शिकार बना सकते हैं। इसलिए इंटरनेट और स्मार्ट तकनीक का उपयोग करते समय जिम्मेदारी और सावधानी बेहद जरूरी है। कार्यशाला में प्रतिभागियों को साइबर हेल्पलाइन नंबर, ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया तथा किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल रिपोर्टिंग के महत्व की जानकारी भी दी गई। इस कार्यक्रम में जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार इंटरनेट उपयोग को बढ़ावा देना तथा साइबर अपराधों से समाज को सुरक्षित रखना रहा।






