पदाधिकारियों का आरोप है कि पारंपरिक मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर पारदर्शिता के बजाय शोषण का माध्यम बनते जा रहे हैं
मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन सर्वधर्म के पदाधिकारियों ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित डीएम कार्यालय पर विभिन्न समस्याओं और बिजली विभाग से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर स्मार्ट बिजली मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन में संगठन ने कहा कि क्षेत्र में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटरों को लेकर आम जनता में असंतोष और भय का माहौल है। किसानों, मजदूरों और मध्यम वर्गीय परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ने की आशंका जताई गई है। कई स्थानों से शिकायतें मिल रही हैं कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल अनियंत्रित रूप से बढ़ रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पदाधिकारियों का आरोप है कि पारंपरिक मीटरों की तुलना में स्मार्ट मीटर पारदर्शिता के बजाय शोषण का माध्यम बनते जा रहे हैं। उनका कहना है कि बिना जनसहमति और पर्याप्त जागरूकता के इस व्यवस्था को लागू करना सामाजिक न्याय के खिलाफ है।
संगठन ने मांग की है कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए, प्राप्त शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा पूर्ण पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होने तक योजना को स्थगित रखा जाए। किसान यूनियन ने कहा कि यह निर्णय लाखों नागरिकों के जीवन को प्रभावित करता है, इसलिए जनहित को प्राथमिकता देते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई की जानी चाहिए। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से इस्लाम, मैराज जहां, सहरावत अली सहित अन्य पदाधिकारी शामिल रहे।






