ग्रेटर नोएडा स्कूल बाथरूम में छात्रा बंद रहने का गंभीर मामला सामने आया है। सातवीं कक्षा की छात्रा करीब एक घंटे तक स्कूल के बाथरूम में फंसी रही और मदद के लिए आवाज लगाती रही। आरोप है कि शिकायत करने पर उसे डांटने के साथ माफीनामा भी लिखवाया गया। यह घटना 19 फरवरी, गुरुवार को दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा के एक नामी स्कूल में हुई। मामले ने स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
लंच ब्रेक में बाहर से बंद हुआ दरवाजा
ग्रेटर नोएडा निवासी अशोक भाटी के अनुसार, उनकी बेटी रोज की तरह स्कूल गई थी। लंच ब्रेक के दौरान वह बाथरूम में गई, तभी किसी ने बाहर से दरवाजा लॉक कर दिया। बच्ची अंदर फंस गई और बाहर निकलने के लिए लगातार चिल्लाती रही। करीब एक घंटे से अधिक समय तक कोई उसकी मदद को नहीं पहुंचा। बाद में सफाईकर्मी के आने पर दरवाजा खोला गया और छात्रा को बाहर निकाला गया।
शिकायत पर डांट और माफीनामा का आरोप
पीड़िता के पिता अशोक भाटी ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब बेटी ने अपनी टीचर को पूरी जानकारी दी, तो इसे गंभीरता से नहीं लिया गया। उल्टा बच्ची को डांटा गया और उससे माफी का पत्र लिखवाया गया। परिवार का कहना है कि इस व्यवहार से बच्ची मानसिक रूप से घबरा गई और आहत हुई। अगले दिन वह स्कूल भी नहीं गई।
ग्रेटर नोएडा स्कूल बाथरूम में छात्रा बंद: बीएसए से शिकायत
घटना के बाद पिता ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से शिकायत दर्ज कराई है। उनका कहना है कि यदि बच्ची एक घंटे तक कक्षा में मौजूद नहीं थी, तो अभिभावकों को सूचना क्यों नहीं दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज मांगने पर स्कूल प्रशासन ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। परिवार का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन ने मामले को छिपाने की कोशिश की।
स्कूल प्रबंधन की चुप्पी
पीड़ित पिता के अनुसार, जब उन्होंने स्कूल प्रबंधन से बातचीत की तो कहा गया कि उनकी बेटी बिना बताए गायब हो गई थी। ऐसे में सवाल उठता है कि एक घंटे तक अनुपस्थित रहने पर स्कूल ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। फिलहाल, इस मामले में स्कूल की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस प्रकरण में क्या कदम उठाता है।




