मुजफ्फरनगर भ्रष्टाचार मामला में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। फुगाना थाना क्षेत्र के सराय चौकी में सामने आए भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद चौकी प्रभारी रजत चौधरी और हेड कांस्टेबल विनीत यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में लगातार मिल रही शिकायतों और प्राथमिक जांच में भ्रष्टाचार के संकेत मिलने के बाद यह कदम उठाया गया। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि विभाग में किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मुजफ्फरनगर भ्रष्टाचार मामला में जांच तेज
कार्रवाई के तहत उप निरीक्षक अजित सिंह को सराय चौकी का नया प्रभारी नियुक्त किया गया है। मामले की विस्तृत विभागीय जांच जारी है और अधिकारियों को निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इस निर्णय को पुलिस विभाग में स्पष्ट संदेश के रूप में देखा जा रहा है कि जनपद में पारदर्शिता और कानून-व्यवस्था से कोई समझौता नहीं होगा।
विगत दिनों भाजपा जिला उपाध्यक्ष नितिन मलिक जनसंपर्क के दौरान बुढाना क्षेत्र के गांव सराय पहुंचे थे। वहां ग्रामीणों ने सराय चौकी इंचार्ज पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप लगाए और कार्रवाई की मांग की। सराय निवासी विनोद प्रजापति ने चौकी पर तैनात सिपाही विनीत यादव पर अवैध वसूली का आरोप लगाया था। बताया गया है कि नितिन मलिक ने मौके से ही एसएसपी संजय वर्मा और एसपी देहात आदित्य बंसल को फोन कर मामले की जानकारी दी और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
नितिन मलिक ने विनोद प्रजापति को एसपी देहात आदित्य बंसल के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां उन्होंने अपने साथ हुए प्रकरण की जानकारी दी। इसके बाद एसएसपी ने तत्काल प्रभाव से चौकी इंचार्ज को निलंबित कर दिया।
नितिन मलिक ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार में कानून-व्यवस्था सर्वोपरि है और जिले के कप्तान एसएसपी संजय वर्मा की कार्यशैली प्रशंसनीय है। उन्होंने इसे पारदर्शी और प्रभावी कार्रवाई बताते हुए कहा कि इससे जनता का पुलिस प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत होगा। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। इसे स्पष्ट संकेत के तौर पर देखा जा रहा है कि मुजफ्फरनगर भ्रष्टाचार मामला में प्रशासन किसी भी स्तर पर ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।





