मेरठ। विकास भवन सभागार में आयोजित आईजीआरएस समीक्षा बैठक मेरठ में जिलाधिकारी वीके. सिंह ने लंबित शिकायतों पर कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में विभिन्न विभागों में लंबित एवं निस्तारित शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई और समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए अग्रिम आदेश तक वेतन रोकने के निर्देश भी जारी किए गए।
आईजीआरएस समीक्षा बैठक मेरठ: गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर विशेष जोर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर परीक्षण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि तथ्यों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी विभाग के कारण जनपद की रैंक प्रभावित होती है या निस्तारण असंतोषजनक पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। बैठक में विभागवार प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही, दोहराव वाली शिकायतों का मूल कारण चिन्हित कर स्थायी समाधान सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने की प्रक्रिया को भी गंभीरता से लागू करने को कहा, ताकि समाधान की गुणवत्ता का वास्तविक आकलन किया जा सके। जिलाधिकारी वीके. सिंह ने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में समस्त संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और विभागीय प्रगति पर विस्तृत चर्चा की गई।





