हरिद्वार बोर्ड परीक्षा नकल कांड ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सलेमपुर दादूपुर स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में हिंदी की परीक्षा के दौरान सात नकलचियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में तीन लड़के और चार लड़कियां शामिल हैं, जो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में हैं। यह कार्रवाई परीक्षा केंद्र पर नियमित जांच के दौरान की गई, जब एडमिट कार्ड की फोटो और परीक्षा दे रहे अभ्यर्थियों के चेहरे का मिलान संदिग्ध पाया गया।
हरिद्वार बोर्ड परीक्षा नकल कांड का खुलासा कैसे हुआ?
हिंदी की परीक्षा के दौरान अधिकारियों ने जब प्रवेश पत्रों की जांच की, तो फोटो और परीक्षार्थियों के चेहरे में अंतर पाया गया। शक गहराने पर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो खुलासा हुआ कि असली परीक्षार्थियों की जगह दूसरे लोग परीक्षा देने पहुंचे थे। यह मामला सामने आते ही परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी ब्रह्मपुरी स्थित सावित्री इंटर कॉलेज के छात्र हैं। इनकी जगह अन्य लोग परीक्षा देने आए थे, जिससे पूरे प्रकरण में संगठित फर्जीवाड़े की आशंका जताई जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नकल गिरोह में और कौन-कौन शामिल है।
प्रिंसिपल की भूमिका संदेह के घेरे में
इस मामले का सबसे गंभीर पहलू यह है कि सावित्री इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। पुलिस ने जांच के लिए प्रिंसिपल को हिरासत में ले लिया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह केवल शुरुआत है और नकल के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी गहन जांच की जाएगी।
दोषियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। जो भी व्यक्ति इस हरिद्वार बोर्ड परीक्षा नकल कांड में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






