महेंद्र सिंह धोनी को नोटिस जारी होने के बाद रांची में कानूनी हलचल तेज हो गई है। झारखंड राज्य आवास बोर्ड ने रांची की हरमू हाउसिंग कॉलोनी स्थित उनके आवासीय भूखंड के कथित व्यावसायिक उपयोग की जांच शुरू की है।
यदि समय पर जवाब नहीं दिया गया तो आवंटन रद्द करने की अनुशंसा की जा सकती है।

आवास बोर्ड का आरोप क्या है?
आवास बोर्ड के अनुसार, महेंद्र सिंह धोनी को आवंटित भूखंड H/10A केवल आवासीय उपयोग के लिए दिया गया था।
हालांकि, बोर्ड का आरोप है कि वहां व्यावसायिक गतिविधि, यानी पैथोलॉजी लैब संचालित की जा रही है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि यह अंतिम अवसर है। यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो कार्रवाई की जा सकती है।
महेंद्र सिंह धोनी को झारखंड आवास बोर्ड ने नोटिस क्यों भेजा?
आवास बोर्ड के मुताबिक, हरमू हाउसिंग कॉलोनी के 5,002 वर्ग फुट क्षेत्रफल वाले प्लॉट का उपयोग नियम विरुद्ध तरीके से किया जा रहा है।
बताया गया है कि इस भूखंड पर न्यूबर्ग सुप्राटेक नामक लैब संचालित होने की सूचना के बाद जांच शुरू हुई।

2006 में मिला था आवासीय भूखंड
महेंद्र सिंह धोनी को वर्ष 2006 में तत्कालीन अर्जुन मुंडा सरकार के निर्णय के तहत नि:शुल्क जमीन आवंटित की गई थी।
23 फरवरी 2006 को ऑर्डर नंबर 380 के जरिए यह भूखंड आवंटित किया गया था अब आवास बोर्ड ने कथित नियम उल्लंघन की जांच करते हुए नोटिस भेजा है।
रांची में इस मामले को लेकर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है। फिलहाल, सबकी नजर धोनी के जवाब पर टिकी है।






