मुजफ्फरनगर होली दहन हादसा सोमवार रात नई मंडी थाना क्षेत्र के मोहल्ला घेर खत्ती में सामने आया, जहां होली की लपटों ने पास खड़े बिजली के खंभे और तारों को अपनी चपेट में ले लिया। आग की चिंगारियां गिरने लगीं और पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। समय रहते बिजली आपूर्ति बंद कर दिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मोहल्ले में परंपरागत तरीके से होली दहन किया जा रहा था। आग की लपटें तेज होते ही उसकी गर्मी पास से गुजर रहे बिजली के तारों तक पहुंच गई। देखते ही देखते तारों में आग लग गई और चिंगारियां गिरने लगीं।
कुछ ही क्षणों में पूरा बिजली का खंभा आग की लपटों से घिर गया। बिजली के खंभे में आग लगने से स्थानीय लोगों के सामने आग बुझाने की बड़ी चुनौती खड़ी हो गई। करंट लगने के खतरे के चलते कोई भी व्यक्ति पास जाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। स्थिति गंभीर होती देख मोहल्ले के लोगों ने तुरंत डायल 112 और बिजली विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति तत्काल प्रभाव से बंद कर दी। बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद स्थानीय लोगों ने मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। इस अग्निकांड में बिजली के तारों के साथ-साथ केबल टीवी और इंटरनेट की लाइनें भी पूरी तरह जल गईं, जिससे घेर खत्ती और आसपास के इलाकों में बिजली, संचार सेवाएं और केबल टीवी बाधित हो गए। गौरतलब है कि होलिका दहन को लेकर जनपद पुलिस लगातार विभिन्न स्थलों का निरीक्षण कर रही थी।
मुजफ्फरनगर के एसपी संजय वर्मा ने निरीक्षण के दौरान विद्युत तारों के नीचे होली न जलाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कई स्थानों पर होली विद्युत तारों के नीचे ही जलाई गई। नई मंडी की यह घटना भी इसी लापरवाही का परिणाम मानी जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आगामी वर्षों में होली दहन से पहले स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि इस प्रकार की घटनाओं से बचा जा सके। हालांकि गनीमत रही कि समय रहते बिजली आपूर्ति काट दी गई, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय तक दहशत का माहौल बना रहा।






