मुजफ्फरनगर। “स्कूल चलो अभियान 2026–27” के शुभारंभ कार्यक्रम में व्यवस्थाओं की पोल उस वक्त खुल गई, जब भीषण गर्मी के बीच छोटे-छोटे बच्चे पंडाल में बेहाल नजर आए। कार्यक्रम में भारी अव्यवस्था और लापरवाही के चलते मासूमों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कार्यक्रम स्थल के मंच पर अधिकारियों और अतिथियों के लिए जहां कूलर और पंखों की समुचित व्यवस्था की गई थी, वहीं पंडाल में बैठे बच्चों के लिए गर्मी से बचाव का कोई इंतजाम नहीं किया गया। तेज धूप और उमस भरे माहौल में बच्चे हाथ, रूमाल और कागज के टुकड़े हिलाकर खुद को राहत देने की कोशिश करते नजर आए।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि कार्यक्रम के शुरू होने से पूर्व ही एक अध्यापिका की तबीयत बिगड़ गई, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन्हें संभाला गया और प्राथमिक उपचार दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कार्यक्रम में बच्चों की बड़ी संख्या मौजूद थी, लेकिन उनकी सुविधाओं को नजरअंदाज कर दिया गया। एक तरफ सरकार शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर ऐसे आयोजनों में बुनियादी व्यवस्थाओं की अनदेखी कई सवाल खड़े कर रही है।
फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।






