इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वार्षिक स्थानांतरण-2026 के तहत 7 जजों का तबादला, न्यायिक दंपत्तियों की एक साथ पोस्टिंग चर्चा में
मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश में न्यायिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और गतिशील बनाने की दिशा में बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। वार्षिक स्थानांतरण-2026 के तहत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, जिसका असर मुजफ्फरनगर जनपद में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिल रहा है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार जारी वार्षिक स्थानांतरण-2026 सूची के तहत प्रदेश के 266 अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया गया है। इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल का सीधा प्रभाव मुजफ्फरनगर की न्यायिक व्यवस्था पर पड़ा है, जहां 8 नए न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की गई है, वहीं यहां पर पूर्व से तैनात 7 जजों को अन्य जनपदों में नई जिम्मेदारियों के साथ स्थानांतरित किया गया है। जनपद में आए नए जजों में प्रतिभा सक्सेना (प्रथम) आगरा से, अनुराग पंवार लखनऊ से, ज्योत्सना सिवाच लखनऊ से, शिव कुमारी बदायूं से, चित्रा शर्मा हाथरस से, महेश नंद झा पीलीभीत से, मनोज कुमार सिद्धू शाहजहांपुर से तथा गरिमा सिंह (प्रथम) शाहजहांपुर से स्थानांतरित होकर मुजफ्फरनगर पहुंचे हैं। इन सभी न्यायिक अधिकारियों को विभिन्न न्यायालयों में जिम्मेदारी सौंपी जाएगी, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आने की उम्मीद है।
वहीं, मुजफ्फरनगर से जिन न्यायिक अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया है, उनमें निशांत सिंगला को उच्च न्यायालय इलाहाबाद में संयुक्त निबंधक (प्रथम) के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा सीता राम को रामपुर, अलका भारती (प्रथम) को रामपुर, दिव्या भार्गव को कानपुर नगर, नेहा गर्ग को बदायूं, कनिष्क कुमार सिंह को सिद्धार्थनगर तथा कमला पति (द्वितीय) को बलिया स्थानांतरित किया गया है। इस फेरबदल के साथ न्यायिक कार्यप्रणाली में नई ऊर्जा और संतुलन आने की उम्मीद जताई जा रही है। नए जजों के अनुभव और कार्यशैली से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है, जिससे आम जनता को समयबद्ध न्याय मिल सकेगा।
इस स्थानांतरण सूची की एक खास बात न्यायिक दंपत्तियों की एक साथ तैनाती रही है, जो मुजफ्फरनगर के न्यायिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है। मनोज कुमार सिद्धू और गरिमा सिंह (प्रथम) के साथ-साथ अनुराग पंवार और ज्योत्सना सिवाच दोनों दंपत्तियों को एक ही जनपद में तैनात किया गया है। खास बात यह है कि मनोज कुमार सिद्धू और गरिमा सिंह की मुजफ्फरनगर में यह दूसरी तैनाती है, जिससे वे यहां की न्यायिक और भौगोलिक परिस्थितियों से पहले से परिचित हैं। इसे प्रशासनिक संवेदनशीलता और कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।





