खतौली स्थित श्री कुन्दकुन्द जैन इंटर कॉलेज में सेवा निवृत्त अध्यापकों के सम्मान में एक भावुक और गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में इस वर्ष सेवा निवृत्त हुए रामकुमार पुंडीर, सुधीर कुमार पांडेय और अजय जैन को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही विद्यालय से पूर्व में सेवा निवृत्त हो चुके कई अध्यापकों का भी सम्मान किया गया।
समारोह में बिजेन्द्र कुमार, कामेश्वर, आदीश जैन, राजपाल, ऋषिपाल और विमला को भी मंच पर सम्मान दिया गया। कार्यक्रम का माहौल पूरे समय आत्मीय बना रहा और विद्यालय परिवार ने अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट की।
इस सम्मान समारोह की अध्यक्षता प्रबन्ध समिति के पूर्व प्रबन्धक राजीव जैन ने की। खास बात यह रही कि सभी सेवा निवृत्त अध्यापक अपने परिवार के साथ कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे आयोजन और भी भावनात्मक बन गया। विद्यालय परिसर में पुराने साथियों, विद्यार्थियों और सहकर्मियों की मौजूदगी ने माहौल को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में जनपद शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डा० अमित कुमार जैन ने भी सेवानिवृत्त होने वाले सभी शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षक का जीवन केवल नौकरी तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह पीढ़ियां गढ़ने का काम करता है। ऐसे में सेवा निवृत्ति सम्मान का क्षण है, विदाई का नहीं।
विदाई समारोह के दौरान कई शिक्षकों और उपस्थित अतिथियों ने अपने संस्मरण साझा किए। इन भावुक पलों में विद्यालय से जुड़ी पुरानी यादें फिर से जीवंत हो उठीं। मंच से बोलते हुए हितेष कुमार, राजकुमार जैन, मिनाक्षी जैन, सध्यारानी, मोनिका शर्मा और चन्दन शर्मा समेत कई लोगों ने अपने विचार रखे और सेवा निवृत्त शिक्षकों के योगदान को याद किया।
प्रबन्ध समिति की ओर से दीपक जैन, सुनील जैन, पंकज जैन, आशु जैन, जयभगवान जैन, अंकित जैन, सुबोध जैन, नवीन जैन और नीरज जैन सहित अन्य पदाधिकारियों व सदस्यों ने सभी अध्यापकों के सुखद, स्वस्थ और सम्मानपूर्ण जीवन की कामना की। कार्यक्रम में विद्यालय परिवार की ओर से यह संदेश भी साफ दिखा कि शिक्षक संस्था की आत्मा होते हैं और उनकी सेवाओं को भुलाया नहीं जा सकता।
समारोह के अंतिम चरण में प्रधानाचार्य श्री अनुराग जी जैन ने सभी अतिथियों, प्रबन्ध समिति, शिक्षकों और कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विद्यालय के लिए यह अवसर केवल सम्मान का नहीं, बल्कि अपने वरिष्ठ अध्यापकों के योगदान को याद करने का भी था।
कार्यक्रम का संचालन रुपक वर्मा ने किया। पूरे आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाओं और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का विशेष सहयोग रहा। खतौली में आयोजित यह सम्मान समारोह केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि गुरुजनों के प्रति आदर, अपनापन और स्मृतियों से भरा एक ऐसा अवसर बना, जिसे उपस्थित लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।





