लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 एडिशनल एसपी (ASP) के तबादले कर दिए हैं। इस महत्वपूर्ण सूची में 33 ऐसे अधिकारी भी शामिल हैं, जिन्हें हाल ही में डिप्टी एसपी (DSP) से एडिशनल एसपी पद पर पदोन्नति मिली थी।
तबादला सूची सामने आने के बाद नोएडा, कानपुर और लखनऊ जैसी अहम इकाइयों में नई तैनातियों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। कई ऐसे अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिली है जो अपने कामकाज के तरीके को लेकर अक्सर सुर्खियों में रहते हैं।
श्रेष्ठा ठाकुर को मिली ATS लखनऊ की जिम्मेदारी
इस यूपी पुलिस तबादला सूची में सबसे ज्यादा चर्चा बागपत की एएसपी और ‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर श्रेष्ठा ठाकुर की हो रही है। उन्हें अब ATS (आतंकवाद निरोधक दस्ता) लखनऊ में एएसपी बनाया गया है।
मूल रूप से उन्नाव की रहने वालीं श्रेष्ठा ठाकुर (2012 बैच यूपीपीएससी) 2017 में तब पहली बार चर्चा में आई थीं, जब बुलंदशहर में एक राजनीतिक कार्यकर्ता के साथ उनकी बहस का वीडियो वायरल हुआ था। एटीएस जैसी स्पेशल यूनिट में उनकी तैनाती को एक बेहद संवेदनशील और अहम जिम्मेदारी माना जा रहा है।
नोएडा और कानपुर में अहम तैनातियां
तबादला सूची के मुताबिक:
अभय मिश्रा को विजिलेंस से हटाकर नोएडा भेजा गया है।
स्वतंत्र सिंह को प्रमोशन के बाद नोएडा में ही तैनाती दी गई है।
नोएडा जैसे संवेदनशील शहरी क्षेत्र में इन तैनातियों को प्रशासनिक नजरिए से काफी अहम माना जा रहा है।
कानपुर में स्नेहा तिवारी और तनु उपाध्याय
स्नेहा तिवारी बनीं ADCP: 2012 बैच की पीपीएस अधिकारी स्नेहा तिवारी को कानपुर नगर कमिश्नरेट में अपर पुलिस उपायुक्त (ADCP) बनाया गया है। चंदौली में ‘मिशन शक्ति’ अभियान में उनके काम की काफी सराहना हुई थी।
तनु उपाध्याय को पीएसी (PAC) में नई भूमिका: तनु उपाध्याय को कानपुर में 37वीं वाहिनी पीएसी में उप सेनानायक बनाया गया है। वह हाल ही में 2025 महाकुंभ की व्यवस्थाओं और सुधा मूर्ति के इंटरव्यू को लेकर चर्चा में रही थीं।
प्रमोशन के बाद जिम्मेदारियों का नया संतुलन
इस तबादले की खास बात यह है कि इसमें बड़ी संख्या में प्रमोटेड अधिकारी शामिल हैं। सरकार ने प्रमोशन के बाद उनकी नई तैनाती तय कर जिला और इकाई स्तर पर एक नया संतुलन बनाने की कोशिश की है।
ऐसे फेरबदल सिर्फ कुर्सी बदलने तक सीमित नहीं होते, बल्कि इससे फील्ड पोस्टिंग, कमिश्नरेट, पीएसी और स्पेशल यूनिट्स की कार्यशैली पर सीधा असर पड़ता है। आने वाले दिनों में इन अधिकारियों की नई प्राथमिकताएं जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देंगी।






