कांग्रेस नेता जमील अंसारी के घर के बाहर कूड़ा डालने से बढ़ा विवाद, पालिका कार्यालय में हंगामा, थाने का किया घेराव
मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली कस्बे में सफाई कर्मचारियों द्वारा मंगलवार को एक कांग्रेस नेता के घर के बाहर कूड़ा डालने की घटना ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया। मामला इतना बढ़ा कि कांग्रेस नेता की शिकायत पर पुलिस द्वारा एक सफाई कर्मचारी को पकड़ लिए जाने से आक्रोशित सफाई कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों के बीच तीखी झड़प हो गई। मामला हाथापाई तक जा पहुंचा। इसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
सफाई कर्मियों के साथ पालिका के कर्मचारी भी कामबंद कर आंदोलन में उतर आये और पालिका कार्यालय में हंगामा हुआ तो वहीं कर्मचारियों ने थाने पहुंचकर घेराव प्रदर्शन करते हुए हड़ताल की चेतावनी दे डाली। कांग्रेस नेता ने सफाई कर्मचारियों की शिकायत की तो कर्मचारियों ने कार्रवाई करने वाले ट्रेनी दरोगा को हटाये जाने की मांग पर हंगामा जारी रखा। बाद में चेयरमैन और ईओ की मध्यस्थता में कोतवाल के सामने सहमति बनी और हिरासत में लिये गये सफाई कर्मियों को छोड़ दिया गया।

कस्बा खतौली के मिट्ठूलाल मोहल्ले में मंगलवार को उस समय हंगामा खड़ा हो गया जब सफाई कर्मचारियों ने कांग्रेस नेता जमील अंसारी के घर के बाहर कई गाड़ियों से कूड़ा लाकर सड़क पर पलट दिया। कूड़े के ढेर से मुख्य मार्ग अवरुद्ध हो गया और आवागमन बाधित हो गया। पास में स्थित अस्पताल के कारण गंदगी और दुर्गंध से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
इस घटना के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और स्थानीय निवासियों ने कड़ी नाराजगी जताई। कांग्रेस नेता जमील द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसमें असामाजिक तत्वों द्वारा घर के बाहर कूड़ा फेंकने और हमला करने का आरोप लगाया गया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन सफाई कर्मचारी पुलिसकर्मियों के सामने ही कूड़ा कांग्रेस नेता के घर के बाहर फैंकने में जुटे रहे। पुलिस कर्मियों ने इसकी वीडियो भी बनाई।
इसके बाद कांग्रेस नेता की शिकायत पर पुलिस फोर्स पालिका कार्यालय पहुंची और आरोपी सफाई कर्मचारी सुधीर वाल्मीकि जोकि सफाई कर्मचारी संघ का नेता भी है को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इसी से स्थिति बिगड़ गई और सफाई कर्मचारियों के साथ पालिका कर्मियों ने भी काम बंद कर पालिका परिसर में ही पुलिस कर्मियों को घेर लिया।
आरोप है कि सफाई कर्मचारियों और वाल्मीकि समाज के कुछ लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता की और धक्का-मुक्की की। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए कई लोगों को हिरासत में लिया और थाने भेज दिया। यहां से कर्मचारी थाने पहुंचे और वहां भी प्रदर्शन करते हुए घेराव किया और नारेबाजी करते रहे।

नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार के अनुसार, पालिका मार्केट की ऊपरी मंजिल की छतों को दुकानों के लिए नीलाम किया गया था। जमील अंसारी ने भी एक स्थान लिया था, लेकिन न तो वहां निर्माण कराया गया और न ही निर्धारित किराया जमा किया गया। इसी संबंध में नोटिस देने पहुंचे कर्मचारी के साथ अभद्रता किए जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद नाराज सफाई कर्मचारी संघ के नेता सुधीर वाल्मीकि अन्य कर्मचारियों के साथ जमील अंसारी के घर पहुंचे और विरोधस्वरूप कूड़ा डलवा दिया। वहीं जमील अंसारी का कहना है कि जिस स्थान पर उन्हें दुकान बनाने के लिए जगह मिली है, वहां तक पहुंचने का रास्ता उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण निर्माण कार्य नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कई बार पालिका प्रशासन से रास्ता उपलब्ध कराने की मांग की, लेकिन समाधान नहीं हुआ।
इस विवाद में बढ़ते तनाव को देखते हुए नगर पालिका परिषद के चेयरमैन शाहनवाज लालू, थाना प्रभारी दिनेश चंद्र बघेल और अधिशासी अधिकारी राजीव कुमार की मौजूदगी में बैठक आयोजित की गई। बैठक में सफाई कर्मचारियों द्वारा पुलिस से अभद्रता पर खेद जताया गया और इसके बाद सुधीर वाल्मीकि को रिहा कर दिया गया। हालांकि, सफाई कर्मचारियों में ट्रेनी दरोगा सूर्यकांत के प्रति नाराजगी बनी रही और उन्हें थाने से हटाने की मांग की गई। कोतवाल द्वारा सात दिन का समय मांगा गया है, जबकि कर्मचारियों ने आठवें दिन धरना देने की चेतावनी दी है। फिलहाल मामला शांत कराने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन दोनों पक्षों में तनाव बना हुआ है।






