खतौली। कस्बा खतौली में एक घर के बाहर नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कथित रूप से जबरन कूड़ा डालने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। मामला इतना बढ़ा कि मोहल्लेवासियों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, पुलिस को मौके पर पहुंचना पड़ा। नगर पालिका कर्मचारियों व दरोगा के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। नगर पालिका में हुए हंगामे के बाद पुलिस ने कई सफाई कर्मचारियों को हिरासत में ले लिया। वहीं कांग्रेस नेता को भी थाने बुलाकर बैठा लिया गया।
बताया गया कि कांग्रेस नेता जमील अंसारी के घर के बाहर नगर पालिका कर्मचारियों द्वारा कूड़े से भरी गाड़ी पलट दी गई, जिसके बाद परिवार और आसपास के लोगों में भारी रोष फैल गया।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई जबरन की गई और इसके पीछे पुराना विवाद जुड़ा हुआ है। सूचना पर नगर पालिका पहुंची खतौली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान सफाई कर्मचारी नेता और समर्थक आक्रोशित हो गए। आरोप है कि नगर पालिका कर्मचारियों ने पुलिस के साथ भी अभद्र व्यवहार किया।
स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई सफाई कर्मचारी को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया। इसके विरोध में नगर पालिका से जुड़े कुछ नेताओं और समर्थकों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया, बाद में पूरा मामला नगर पालिका चैयरमेन तथा ईओ के समक्ष पहुंचा, जहां दोनों पक्षों की बात सुनी गई। जानकारी के अनुसार विवाद की जड़ कई वर्ष पुरानी बताई जा रही है। नगर पालिका क्षेत्र में कुछ दुकानों की नीलामी हुई थी, लेकिन उन दुकानों तक रास्ता न मिलने के कारण निर्माण कार्य अटका हुआ है। जमील अंसारी लंबे समय से रास्ता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। बताया जाता है कि हाई कोर्ट द्वारा भी रास्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी।
दूसरी ओर, नगर पालिका द्वारा दुकानों के किराए संबंधी नोटिस भी जारी होते रहे हैं, जिससे दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि वर्षों पुराने इस विवाद का समाधान टकराव नहीं बल्कि संवाद से संभव है। इस मामले को लेकर नगर पालिका प्रशासन और सफाई कर्मचारियों और पुलिस के बीच वार्ता चल रही है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन, नगर पालिका आपसी वार्ता के जरिए रास्ता निकालेंगे, ताकि क्षेत्र में विकास कार्य बाधित न हों और सामाजिक सौहार्द भी बना रहे।






