लखनऊ । आर्थिक मजबूरी के कारण कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। बाल श्रमिक विद्या योजना अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू होगी। सरकार कौशल विकास, रोजगार मेले, सेवामित्र व्यवस्था और श्रमिक सुविधा केंद्रों को मजबूत कर युवाओं और श्रमिकों को बेहतर अवसर देने पर जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं।

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