ईओ के लिखित आश्वासन के बाद संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने समाप्त किया आंदोलन, कांवड़ के बाद होंगे यूनियन चुनाव
मुजफ्फरनगर। नगर पालिका परिषद में सफाई कर्मचारियों और आउटसोर्स कूड़ा वाहन चालकों के अधिकारों को लेकर चल रहा संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ संघर्ष मोर्चा का धरना दूसरे दिन शनिवार को प्रशासन और कर्मचारी नेताओं के बीच हुई सकारात्मक वार्ता के बाद समाप्त हो गया। कांवड़ यात्रा से पहले नगर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका के बीच हुई इस वार्ता में कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने का निर्णय लिया गया।
संयुक्त सफाई कर्मचारी संघ संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों के अनुसार, नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) पवन कुमार दोपहर के समय धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ विभिन्न मांगों पर बिंदुवार चर्चा की। वार्ता के दौरान सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव कांवड़ यात्रा के बाद कराए जाने, संघ कार्यालय पर लगाए गए ताले के मामले, आउटसोर्स कूड़ा वाहन चालकों को नई कंपनी में स्थानांतरित नहीं किए जाने तथा अन्य लंबित मांगों पर सहमति बनी। इसके बाद कर्मचारी नेताओं ने प्रशासन से लिखित आश्वासन की मांग की, जिसे स्वीकार किए जाने के बाद धरना समाप्त करने की घोषणा कर दी गई।

ईओ पवन कुमार ने बताया कि कर्मचारी नेताओं के साथ हुई वार्ता सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक रही। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख बिंदुओं पर सहमति बन चुकी है और नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप को भी वार्ता के परिणाम से अवगत करा दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसी प्रकार का आश्वासन पूर्व में भी कर्मचारी संगठनों को दिया जा चुका था, लेकिन इस बार नए संघर्ष मोर्चे के गठन के बाद धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने बताया कि नगर पालिका में किसी प्रकार की कामबंद हड़ताल नहीं रही और शनिवार को भी सभी आउटसोर्स एवं संविदा कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर मौजूद रहे। कूड़ा उठाने वाले वाहन भी नियमित रूप से संचालित किए गए। ड्यूटी पूरी करने के बाद कर्मचारी धरनास्थल पर पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को लिखित आश्वासन उपलब्ध कराया जा रहा है।
आउटसोर्स कूड़ा वाहन चालकों को नई कंपनी में समायोजित किए जाने के मुद्दे पर ईओ ने कहा कि फिलहाल संबंधित कंपनी को वर्क ऑर्डर जारी नहीं किया गया है। वहीं, सफाई कर्मचारी संघ के चुनाव कांवड़ यात्रा संपन्न होने के बाद कराने पर सहमति बनी है। अन्य मांगों पर भी सकारात्मक विचार किया गया है। ईओ ने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कांवड़ यात्रा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। यदि इस दौरान किसी प्रकार का व्यवधान उत्पन्न करने का प्रयास किया गया तो प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए बाध्य होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पिछले लगभग 20 से 25 दिनों से यह मुद्दा लगातार चल रहा है और अब कर्मचारियों से भी सहयोग की अपेक्षा की गई है।

संयुक्त संघर्ष मोर्चा के महामंत्री चमनलाल ढिंगान ने बताया कि ईओ पवन कुमार और सीएसएफआई योगेश कुमार धरनास्थल पर पहुंचे और कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत वार्ता की। उन्होंने दावा किया कि मोर्चे की सभी पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनी है तथा लिखित आश्वासन भी प्रदान किया गया है। इसके बाद सर्वसम्मति से धरना समाप्त करने का निर्णय लिया गया। वार्ता के दौरान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष पालेराम, महामंत्री राजेश उटवाल, चमनलाल ढिंगान, राजू वैद, राजकुमार बेनीवाल, नीरज उटवाल, जितेंद्र मचल, कपिल पाहीवाल, शीलू वाल्मीकि, सागर वाल्मीकि और अजीत पाहीवाल सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित रहे।






