राकेश टिकैत ने नड्डा से पूछा-कंगना को लड़ाने की क्या मजबूरी थी

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त किसान मोर्चा के नेता चौ. राकेश टिकैत ने हिमाचल प्रदेश की मंडी लोकसभा सीट से भाजपा सांसद अभिनेत्री कंगना रानौत को लेकर फिर से आवाज बुलंद की है। उन्होंने भाजपा सांसद कंगना द्वारा किसानों को आतंकवादी और खालिस्तानी बताते हुए इनके लिए अमेरिका और चीन से फंडिंग होने के आरोपों को लेकर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि भाजपा ये बताये कि कंगना जैसी मानसिकता वाली महिला को चुनाव लड़ाने की भाजपा की क्या मजबूरी थी और वो जो कह रही है, क्या वहीं गाइडलाइन भाजपा की है। इस पर उन्होंने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर जवाब भी मांगा है।

भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत द्वारा शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा को लिखे पत्र में सबसे पहले उनके स्वस्थ जीवन की कामना की। उन्होंने कहा कि देश की सबसे बड़ी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का दायित्व आप निभा रहे हैं और उसकी विचारधारा को आगे बढाने का काम कर रहे हैं, लेकिन आपकी और पार्टी की क्या मजबूरी रही होगी, कि उन्होंने 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में एक ऐसी महिला प्रत्याशी को हिमाचल की मंडी सीट से चुनाव लड़ाया जिसे देश के बारे में जरा भी ज्ञान नहीं हैं। वह बार-बार देश के खेत उपजाऊ वर्ग को अपना निशाना बना रही है, जिससे ग्रामीण पृष्ठभूमि में रह रहा देश का यह वर्ग हर बार अपने आप को अपमानित महसूस करता है। राकेश टिकैत ने कंगना पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले दिनों उन्होंने अपने एक वक्तव्य में कहा था कि हमें आजादी 2014 में मिली है। इससे पहले हम अपने आप को आजाद नहीं मानते थे।

टिकैत बोले कि हम आपसे पूछना चाहते हैं कि आज उस महान क्रान्तिकारी और देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहूति देने वाले माँ भारती के वीर सपूत और हम सबके आदर्श सरदार शहीद भगत सिंह की जयंती है, क्या उन्होंने आजादी दिलाने में अपनी कुर्बानी नहीं दी। कहा कि यह देश चन्द्रशेखर आजाद, अशफाक उल्ला खाँ, सुखदेव, राजगुरू, लाला लाजपत राय जैसे अनेकों क्रान्तिकारियों और स्वतंत्रता सेनानियों को कैसे भूल सकता है। इस देश की मिट्टी का हर एक कण उन सभी ने अपने खून से सींचा हुआ है। हम कभी जलियांवाला बाग नहीं भूल सकते। ऐसा कहकर उन्होंने इस देश के प्रत्येक देशप्रेमी को आहत किया है। किसान नेता ने कहा कि भाजपा सांसद कंगना ने दिसम्बर 2020 में एक टिप्पणी की थी, जिसमें हमारी माताएँ और बहनें जो आन्दोलन में हम सबके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर मजबूती से लड़ रही थी, उन्हें भी पैसे लेकर धरने पर बैठने जैसे आरोप लगाए थे। यह वे ही ग्रामीण महिलाएं हैं जो ग्रामीण पगडण्डियों से देश की आर्थिक स्थिति में एक अहम भूमिका निभाती है। दुग्ध उत्पादकता में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका इन्हीं की रहती है। इस प्रकार की टिप्पणी से इनकी मानसिकता और महिलाओं के प्रति पार्टी की विचारधारा स्पष्ट नजर आती है। सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यही सोच महिलाओं के प्रति देश की सबसे बड़ी पार्टी की है?

राकेश टिकैत ने पत्र में कहा कि भाजपा सांसद कंगना ने फरवरी 2021 में देश के किसान को आतंकवादी बताने का काम किया था। यह वही वर्ग है, जिन्होंने कोरोना जैसी महामारी के समय देश की जीडीपी में अपना अहम योगदान निभाया और देश के प्रत्येक वर्ग को भूखा नहीं सोने दिया। साथ ही इन्होंने किसानों को खालिस्तानी, आतंकवादी जैसे शब्दों से सम्बोधित किया। देश के लिए अपनी जान देने वाले सबसे ज्यादा सैनिक हमारे किसान परिवारों से ही होते हैं। आज भी देश की रक्षा सीमा पर खड़ा किसान का बेटा ही कर रहा है। इन्होंने 25 अगस्त 2024 को एक टिप्पणी फिर से की, जिसमें किसानों को पुनः निशाना बनाया गया। जिससे पार्टी ने भी इनके वक्तव्य से किनारा कर लिया। इन्होंने कहा कि देश के किसान के पीछे चीन, अमेरिका जैसी विदेशी शक्तियाँ काम कर रही हैं। अपने हक हकूक की लड़ाई लड़ रहा यह खेतप्रेमी और देशप्रेमी वर्ग कभी देश को झुकाने का काम नहीं कर सकता। किसान से बड़ा कोई देशप्रेमी नहीं हो सकता। राकेश टिकै तने कहा कि इन्होंने 24 सितम्बर 2024 को एक वक्तव्य दिया, जिसमें कहा कि तीनों विवादास्पद कृषि कानूनों को फिर से लागू किया जाना चाहिए। ऐसा करके भाजपा सांसद ने देश में 13 माह चले आन्दोलन में दिल्ली के बॉर्डरोें पर बैठे रहे किसानों व इनको रद्द कराने में अपनी जान का बलिदान देने वाले 750 शहीद किसानों को अपमानित करने का कार्य किया है। हम कभी भी यह संघर्ष और अपनों का बलिदान नहीं भूल सकते हैं। किसान नेता राकेश टिकैत ने अपने पत्र के माध्यम से भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से सीधा सवाल करते हुए जवाब मांगा है कि आप यह स्पष्ट करें कि यह सभी आपकी पार्टी के द्वारा ही इनसे कराया जा रहा है। इनके द्वारा बार-बार देश के अन्नदाता को निशाना बनाने से यह खेत कमाऊँ वर्ग अपने आप को अपमानित महसूस कर रहा है। उन्होंने भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा से आशा व्यक्त करते हुए कहा कि वो उनके पत्र का जवाब जरूर देंगे।

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