अमेरिका ईरान युद्धविराम वार्ता पर पाकिस्तान की मध्यस्थता फिलहाल ठहर गई है। वॉल स्ट्रीट जर्नल और रॉयटर्स सहित ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया है और अमेरिकी मांगों को अस्वीकार्य बताया है, जिससे बातचीत गहरे गतिरोध में फंस गई है। पिछले कुछ हफ्तों में पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश तेज की थी।
रॉयटर्स के अनुसार, इस पूरे संकट में पाकिस्तान ने क्षेत्रीय संपर्कों के जरिए अपनी भूमिका बढ़ाई, जबकि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने बताया कि तुर्की और मिस्र अब बातचीत को इस्लामाबाद से बाहर दोहा या इस्तांबुल जैसे विकल्पों की ओर ले जाने पर विचार कर रहे रिपोर्टों के अनुसार, ईरान पहले भी युद्धविराम के लिए युद्ध क्षतिपूर्ति, पश्चिम एशिया से अमेरिकी सैन्य मौजूदगी में वापसी या कमी, और भविष्य में हमले न होने की गारंटी जैसी शर्तें रख चुका है।
इन्हीं मांगों और अमेरिकी शर्तों के बीच सहमति न बन पाने से बातचीत आगे नहीं बढ़ सकी। इसी बीच रॉयटर्स ने ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फ़ार्स के हवाले से बताया कि तेहरान ने अड़तालीस घंटे के युद्धविराम प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया। उस रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि यह प्रस्ताव एक अन्य देश के जरिए पहुंचाया गया था, लेकिन उस पर तत्काल कोई सहमति नहीं बन डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने युद्धविराम की इच्छा जताई है और अमेरिका इस पर तभी विचार करेगा, जब होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह खुला और सुरक्षित हो।
रॉयटर्स और एक्सियोस की रिपोर्टों में भी यह संकेत है कि जलडमरूमध्य को खोलने का सवाल मौजूदा बातचीत का अहम हिस्सा बना हुआ हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने ट्रंप के दावे को झूठा और निराधार बताया। यही वजह है कि एक तरफ मध्यस्थ देशों के जरिए संपर्क जारी रहने की खबरें हैं, तो दूसरी तरफ दोनों पक्षों के सार्वजनिक बयान अब भी एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दिखाई दे रहे तनाव के बीच ईरान के ऊपर एक अमेरिकी लड़ाकू विमान गिरने की पुष्टि अमेरिकी अधिकारियों ने की है।
रॉयटर्स के मुताबिक, विमान एफ-15ई था, उसके दो सदस्यीय दल में से एक को वापस निकाल लिया गया, जबकि दूसरे की तलाश जारी है। इस घटना ने युद्धविराम की कोशिशों पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया बगदाद में अमेरिकी दूतावास ने अगले चौबीस से अड़तालीस घंटों में ईरान-समर्थित इराकी गुटों की ओर से हमलों की आशंका जताते हुए अमेरिकी नागरिकों को यात्रा से बचने या देश छोड़ने की चेतावनी दी है।
इसी दौरान बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात ने भी हवाई खतरों के खिलाफ अपनी सुरक्षा प्रणालियों के सक्रिय रहने की जानकारी दी है, जिससे साफ है कि तनाव अब पूरे खाड़ी क्षेत्र में महसूस किया जा रहा फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टें यही संकेत देती हैं कि पाकिस्तान की पहल से तत्काल युद्धविराम का रास्ता नहीं बन पाया है।






