मंत्री कपिल के घर पहुंचे बालियान, विवाद का हुआ पटाक्षेप

मंत्री कपिल देव के नाम पर गाली गलौच करने के आरोप से बनी थी भाजपा-रालोद गठबंधन में खींचतान

मुजफ्फरनगर। मुजफ्फरनगर की राजनीति में शिक्षक और रालोद नेताओं के बीच हुए विवाद के कारण पिछले कुछ दिनों से महसूस किये जा रहे तनाव पर अब विराम लग गया है। सरदार पटेल जयंती के अवसर पर सीसीआर इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य और रालोद नेताओं के बीच हुई धक्का-मुक्की और मंत्री कपिल देव पर अभद्र टिप्पणी के आरोपों से उपजे विवाद को आखिरकार सुलझा लिया गया है। रालोद प्रदेश सचिव अशोक बालियान ने मंत्री कपिल देव के आवास पर पहुंचकर मुलाकात की और सभी मतभेद दूर करने का संदेश दिया। इस मुलाकात के बाद दोनों नेताओं ने सौहार्दपूर्ण वातावरण में विवाद का पटाक्षेप कर दिया।
बता दें कि सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के अवसर पर सरकूलर रोड स्थित रालोद कार्यालय पर कार्यक्रम किया जा रहा था, जिसमें पार्टी के जिलाध्यक्ष संदीप मलिक सहित अधिकांश नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। कार्यालय के समक्ष स्थित चौ. छोटूराम इंटर कॉलेज में भी कला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें यूपी सरकार में मंत्री नगर विधायक कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि थे। यहां प्रधानाचार्य योगेन्द्र सिंह और अन्य शिक्षकों का कॉलेज गेट के समक्ष गाड़ी खड़ी करने को लेकर रालोद प्रदेश सचिव अशोक बालियान और उनके चालक के साथ विवाद हो गया था। योगेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि रालोद नेताओं ने मंत्री का नाम लेकर गाली गलौच और अभद्रता की।
इसी को लेकर भाजपा और रालोद के बीच चल रही खींचतान शनिवार की शाम को थम गई, जब रालोद के प्रदेश सचिव अशोक बालियान ने प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल से उनके गांधीनगर स्थित आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच आपसी संवाद के दौरान हालिया घटनाओं पर खुलकर चर्चा हुई और गलतफहमियों को दूर किया गया।

इसे भी पढ़ें:  किसानों की आवाज उठाने टीम लेकर श्रीलंका पहुंचे राकेश टिकैत

मंत्री कपिल देव ने इस मुलाकात की जानकारी अपनी फेसबुक वॉल पर साझा करते हुए लिखा कि हमारे आवास पर राष्ट्रीय लोकदल के प्रदेश सचिव अशोक बालियान स्वयं मिलने आए। चर्चा के दौरान हालिया तथाकथित विवादों पर उन्होंने अपना और पार्टी का सौहार्दपूर्ण भावनाओं के साथ मंतव्य स्पष्ट कर विषय का पटाक्षेप किया। मंत्री ने इस मामले में समर्थन व्यक्त करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों का हृदय से आभार।
रालोद नेता अशोक बालियान ने भी इस मुलाकात को सकारात्मक बताते हुए कहा कि रालोद और भाजपा कार्यकर्ता जनता की सेवा के लिए एकजुट हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, परंतु अब सब कुछ स्पष्ट हो चुका है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुलाकात न केवल स्थानीय स्तर पर तनाव को समाप्त करती है, बल्कि आने वाले पंचायत चुनावों से पहले गठबंधन को मजबूती भी प्रदान करेगी। इस मुलाकात के बाद मुजफ्फरनगर की राजनीति में चल रही चर्चाओं को भी विराम मिला है।

इसे भी पढ़ें:  शहीद-ए-आज़म भगत सिंह का जन्मदिन श्रद्धा और सेवा के साथ मनाया गया

अखिलेश राज में किसानों की खातिर लाठी खाई, जेल गए, अब मौज आई

मुजफ्फरनगर। शिक्षक-रालोद नेता विवाद में रालोद नेताओं की ओर से लगातार प्रधानाचार्य योगेन्द्र सिंह को निशाना बनाया जा रहा है, उनको सपा समर्थक बताते हुए इस विवाद को गन्ना मूल्य बढ़ाये जाने की खुशी के बीच साजिश करार दिया जा रहा है।
रालोद नेता सुधीर भारतीय, जो उस दिन वायरल हुई वीडियो में प्रधानाचार्य व शिक्षकों के साथ धक्का मुक्की और अभद्रता करने में जिलाध्यक्ष संदीप मलिक के साथ सबसे आगे दिखाई दे रहे हैं, सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक आईडी पर लगातार हमलावर हैं। सुधीर ने अपनी नई पोस्ट में इस विवाद को फिर से साजिश बताने का इशारा करते हुए कहा कि गन्ना मूल्य ही इसका मुख्य कारण है। पोस्ट में उन्होंने कहा कि पिछले 18 साल के इतिहास में पहली बार 2013 से 2016 तक लगातार 3 साल गन्ना मूल्य में कोई बढ़ोतरी न करने की परंपरा शुरू करने वाले और इसी काल में हमारी पार्टी के लोगों ने मुकदमे झेले, हम खुद जेल गए कारण समय से पेराई सत्र शुरू कराने के लिए, समय से भुगतान हेतु और रेट बढ़वाने हेतु………समय था अखिलेश राज का??
आज जो सपा पार्टी के लोग सवाल उठा रहे, उन्हें जवाब देना चाहिए कि 2016 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गन्ना भुगतान पर ब्याज देने के आदेश को किस सरकार ने यूपी में नकार दिया था? एक बात और जयंत चौधरी …चौधरी चरण सिंह जी, चौधरी अजित सिंह जी का खून है, मौका मिलते ही किसान के लिए काम करेंगे, चौधरी चरण सिंह जी के मान सम्मान को ऊंचा करेंगे और जवानों के सम्मान को बढ़ाएंगे। उदाहरण देने की जरूरत नहीं नतीजा सामने है!
हरियाणा में ट्रांसपोर्ट खर्च पर कुंतल 23 रूपये है और यूपी में 8 रूपये है इसलिए रेट का अंदाजा इसे ध्यान में रखकर करो, गन्ने का मुद्दा नहीं छोड़ा, जीएसटी का मुद्दा नहीं छोड़ा, अग्निवीर का भी नहीं छोड़ा, जल्द ही उसमें भी नतीजे मिलेंगे! तो विपक्ष वालो विरोध करो लेकिन मर्यादा में रहकर मुद्दों पर सवाल करो, कोई दिक्कत नहीं! विपक्ष जितनी मजबूती से सकारात्मक मुद्दे उठाएंगे उतनी ही सत्ता हल करने का प्रयास करेगी, क्योंकि जनता में अच्छा संदेश देने का सभी प्रयास करते है!

सुधीर की इस पोस्ट पर मिली जुली प्रतिक्रिया भी लोग कर रहे हैं, लेकिन शायद सुधीर अपनी वो जेल यात्रा भूल गये, जो भाजपा के राज में ही उनको करनी पड़ी। हम याद दिला दें कि जुलाई 2022 में कक्षा 11 में एक छात्र का प्रवेश नहीं होने पर सुधीर भारतीय और सार्थक लाटियान ने डीएवी इंटर कॉलेज में धरना दिया था, भारी हंगामा हुआ। प्रधानाचार्य ने रालोद नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया और सुधीर भारतीय सहित अन्य आरोपियों को जेल भेज दिया गया था।

इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-भाजपा नेता पर हमले का खुलासा आठ आरोपी गिरफ्तार

Also Read This

होली से पहले वेतन भुगतान, शिक्षा विभाग सक्रिय

होली से पहले वेतन भुगतान सुनिश्चित करने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों का वेतन 2 मार्च 2026 तक जारी करने के निर्देश दिए हैं। त्योहार को देखते हुए यह आदेश कर्मचारियों को समय पर आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से जारी किया गया है। इसे भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर-भाजपा नेता पर हमले का खुलासा आठ आरोपी गिरफ्तार होली से पहले वेतन भुगतान क्यों जरूरी? जारी निर्देश में कहा गया है कि 2 मार्च को होलिका दहन और 4 मार्च को रंगोत्सव मनाया जाएगा। ऐसे में कर्मचारियों को त्योहार से पहले वेतन मिल सके, इसके लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

Read More »

प्यार में हारी 21 साल की यूट्यूबर!: चाचा के घर फांसी लगाकर दी जान

हैदराबाद-  हैदराबाद में एक 21 साल की यूट्यूबर ने आत्महत्या कर ली। युवती की पहचान कोमली के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि वह प्रेम प्रसंग में नाकामी के कारण तनाव में थी। करीब एक साल पहले उसका अपने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, कोमली ने बुधवार को मणिकोंडा की चित्रापुरी कालोनी में अपने चाचा के घर पर फांसी लगा ली। वह मूल रूप से विशाखापत्तनम की रहने वाली थी। यह घटना रायदुर्गम पुलिस स्टेशन के इलाके में हुई। कोमली के परिवार वालों की शिकायत के

Read More »

खतौली एसआईआर विशेष अभियान से मतदाता जागरूकता

खतौली एसआईआर विशेष अभियान के तहत शक्ति केंद्र देवी मंदिर कन्या इंटर कॉलेज पर आयोजित कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। अभियान के अंतर्गत बूथ संख्या 299, 300 एवं 301 (उच्च प्राथमिक विद्यालय, पक्का बाग) पर मतदाता जागरूकता और संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण को लेकर विशेष कार्य किया गया। कार्यक्रम में बूथ स्तर की गतिविधियों की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति तय की गई। खतौली एसआईआर विशेष अभियान: बूथ स्तर पर फोकस क्षेत्र पूर्व विधायक विक्रम सिंह सैनी ने शक्ति केंद्र पहुंचकर अभियान की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि बूथ स्तर पर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर अभियान

Read More »

खतौली पैतृक संपत्ति विवाद में जान से मारने की धमकी

खतौली पैतृक संपत्ति विवाद में ढाकन चौक निवासी डॉ. मौ० शाहनवाज़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना-पत्र भेजकर उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा कर पुनः निर्माण कराया जा रहा है और परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। मामले में उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और पुलिस संरक्षण की मांग की है। डॉ. मौ० शाहनवाज़ के अनुसार ग्राम सराय रसूलपुर, थाना मंसूरपुर स्थित लगभग 160 वर्ग गज पैतृक भूमि पर उनके सगे भाई नासिर और अन्य लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जा कर उसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया

Read More »
सेठ जुम्मा लाल रूठिया द्वारा दिया गया 35000 रुपये कर्ज

अंग्रेजों ने लिया 35000 का कर्ज, 109 साल बाद पोते ने खोला हिसाब!

1917 ब्रिटिश सरकार कर्ज मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। मध्य प्रदेश के सीहोर से सामने आए इस ऐतिहासिक विवाद में दावा किया गया है कि प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अंग्रेजी हुकूमत ने 35000 रुपये का कर्ज लिया था। अब 109 साल बाद उसी रकम को लेकर कानूनी पहल शुरू हो गई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सीहोर के प्रतिष्ठित व्यापारी सेठ जुम्मा लाल रूठिया ने वर्ष 1917 में ब्रिटिश प्रशासन की आर्थिक मदद की थी। उस समय युद्ध के कारण प्रशासन को धन की आवश्यकता थी। बदले में लिखित दस्तावेज दिए गए, जिनमें कर्ज लौटाने का वादा दर्ज था। इसे भी पढ़ें:  परीक्षा देने जा रही छात्राओं

Read More »