खतौली पैतृक संपत्ति विवाद में जान से मारने की धमकी

खतौली पैतृक संपत्ति विवाद में ढाकन चौक निवासी डॉ. मौ० शाहनवाज़ ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रार्थना-पत्र भेजकर उच्चस्तरीय हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक भूमि पर अवैध कब्जा कर पुनः निर्माण कराया जा रहा है और परिवार को जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। मामले में उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और पुलिस संरक्षण की मांग की है।

डॉ. मौ० शाहनवाज़ के अनुसार ग्राम सराय रसूलपुर, थाना मंसूरपुर स्थित लगभग 160 वर्ग गज पैतृक भूमि पर उनके सगे भाई नासिर और अन्य लोगों द्वारा कथित अवैध कब्जा कर उसे बेचने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भूमि को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है और 24 अप्रैल 2025 को इसी विवाद के चलते उन पर जानलेवा हमला हुआ था। इस संबंध में थाना मंसूरपुर में मुकदमा दर्ज है और मामला विचाराधीन है।

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प्रशासनिक कार्रवाई क्या हुई?

प्रार्थी के अनुसार, उन्होंने उपजिलाधिकारी खतौली को भी शिकायत दी थी।

  • 12 जनवरी 2026 को लेखपाल द्वारा मौके की जांच की गई।

  • जांच में अवैध निर्माण की पुष्टि हुई।

  • निर्माण रुकवाने और भूमि को कब्जामुक्त कराने के आदेश पारित किए गए।

  • प्रशासन की मौजूदगी में भूमि कब्जामुक्त कर उन्हें सौंप दी गई।

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कोर्ट केस के बीच दोबारा निर्माण का आरोप

डॉ. मौ० शाहनवाज़ का कहना है कि मामला न्यायालय मुजफ्फरनगर में विचाराधीन है और अगली तिथि 26 फरवरी 2026 निर्धारित है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा पुनः निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं, जिससे परिवार में भय का माहौल है। डॉ. शाहनवाज़ ने मुख्यमंत्री के अलावा मंडलायुक्त सहारनपुर, एडीजी मेरठ जोन, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और जिलाधिकारी मुजफ्फरनगर को भी प्रार्थना-पत्र की प्रतिलिपि भेजी है। उन्होंने मांग की है कि—

  • न्यायालयीन प्रक्रिया के दौरान निर्माण कार्य तत्काल रोका जाए।

  • पूर्व में पारित प्रशासनिक आदेशों का पालन सुनिश्चित कराया जाए।

  • परिवार को आवश्यक पुलिस संरक्षण दिया जाए।

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प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि यदि दोबारा अवैध निर्माण कराया जा रहा है तो मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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