मेरठ के जाट सम्मेलन में प्रधानमंत्री पर टिप्पणी के बाद विवाद, बालियान बोले—मंच से ही किया था विरोध
मुजफ्फरनगर। मेरठ में आयोजित जाट सम्मेलन के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। इस बयान को लेकर भाजपा नेतृत्व सक्रिय हो गया है और कार्यक्रम में मौजूद पूर्व सांसद संजीव बालियान से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के सकौती टांडा में आयोजित जाट सम्मेलन के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई टिप्पणी अब राजनीतिक विवाद का कारण बन गई है। इस मामले को भाजपा नेतृत्व ने गंभीरता से लेते हुए पूर्व सांसद संजीव बालियान से जवाब तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन ने बालियान से फोन पर बातचीत कर यह पूछा कि जब मंच से प्रधानमंत्री के खिलाफ टिप्पणी की जा रही थी, तब उन्होंने तत्काल विरोध क्यों नहीं किया। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि इस तरह के बयान पर मंच से ही कड़ा प्रतिवाद होना चाहिए था।
दरअसल, मेरठ में आयोजित जाट सम्मेलन के दौरान भगवंत मान ने महंगाई सहित कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा था। अपने संबोधन में उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार देश को विश्व गुरु बनाने की बात करती है, लेकिन वर्तमान स्थिति में देश विश्व चेला बन गया है। इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया कि कार्यक्रम में मौजूद भाजपा नेता संजीव बालियान ने उस समय कोई आपत्ति नहीं जताई, जिसको लेकर पार्टी के भीतर नाराजगी देखी जा रही है। हालांकि, बालियान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। इस पर संजीव बालियान का कहना है कि उन्होंने मंच से ही दो बार भगवंत मान की टिप्पणी का विरोध किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम गैर-राजनीतिक स्वरूप का था, जिसमें विभिन्न दलों के नेता शामिल थे, ऐसे में इस प्रकार की राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए था। इस पूरे घटनाक्रम के बाद भाजपा संगठन ने मामले की आंतरिक समीक्षा शुरू कर दी है। वहीं, विपक्षी दलों के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है।






