हैलीपेड पर धूप में खड़े रहे भाजपा सभासद, नहीं पहुंचे पास, मंत्री को घेरा

मंत्री कपिल देव अग्रवाल के आवास पर पहुंचे भाजपा सभासदों ने लौटाए पास, प्रशासन पर गंभीर आरोप, कार्रवाई करने की मांग

मुजफ्फरनगर। जनपद मुजफ्फरनगर में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान जनसैलाब ने सभी को गदगद किया है, लेकिन यहां पर हुई कुछ अव्यवस्थाओं के कारण भाजपा और रालोद दोनों ही दलों के नेताओं के मन में अपमान की कुछ कसक भी सीना चाक कर रही है। पहले मंच पर रालोद विधायक गुलाम मौहम्मद सिवालखास को स्थान नहीं दिया गया और एसएसपी की नो एंट्री के बाद वो मायूस लौटे, तो अब भाजपा सभासदों ने भी अपमान की कसक को सीएम योगी की सभाा के संयोजक मंत्री कपिल देव के समक्ष उजागर किया।

इससे एक राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद गहरा गया है, कहा जा रहा है कि प्रशासन की लापरवाही से नगरपालिका के निर्वाचित एवं नामित सभासदों को निर्धारित व्यवस्था के बावजूद मुख्यमंत्री से मुलाकात का अवसर नहीं मिल सका। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बने इंतज़ामों में अव्यवस्था और पास वितरण में कथित देरी को लेकर सभासदों में भारी नाराजगी बनी है। मामला इतना बढ़ा कि मौहल्लों के इन जनप्रतिनिधियों ने मंत्री आवास पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया और प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए जांच कराकर सम्बंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग तक कर डाली।

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उल्लेखनीय है कि मुजफ्फरनगर में सोमवार को आयोजित वृहद कौशल रोजगार मेला और जनसभा कार्यक्रम हुआ, इसमें भारी जनसैलाब उमड़ा, इससे संयोजक, आयोजक और सीएम योगी भी गदगद दिखे। यह जनसभा कई यादों को छोड़कर गई है, इसके समापन के अगले दिन अब मंगलवार को नया विवाद सामने आया है। बताया गया कि जनसभा के समापन के दौरान उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भाजपा के नगर पालिका परिषद के सभासदों को मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए समय पर पास उपलब्ध नहीं कराए गए। सभासदों का आरोप है कि जब मुख्यमंत्री का हेलीकॉप्टर उड़ान भर चुका था, उसके बाद प्रशासन की ओर से पास उपलब्ध कराए गए, जिससे उन्हें कार्यक्रम से बाहर होना पड़ा।

प्रशासन की अपमानजनक व्यवस्था से नाराज भाजपा सभासद सीधे उत्तर प्रदेश सरकार में व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार एवं नगर विधायक के गांधीनगर स्थित आवास राधा कुंज पहुंचे और जमकर विरोध दर्ज कराते हुए नाराजगी व्यक्त की। इस दौरान भाजपा के कई सभासदों ने व्यवस्था में गंभीर लापरवाही और अपमान का आरोप लगाया। आवास पर काफी देर तक गहमागहमी और हंगामे का माहौल बना रहा। सभासदों ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की पूर्व निर्धारित व्यवस्था को जानबूझकर बिगाड़ा गया। उनका कहना है कि सभी 36 निर्वाचित और नामित सभासदों को मुख्यमंत्री से मिलवाने की सहमति पहले ही बन चुकी थी, लेकिन प्रशासन ने पास जारी करने में लापरवाही बरती। इसके लिए सीधे तौर पर डीएम उमेश मिश्रा को जिम्मेदार ठहराया गया।

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बताया गया कि मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्वयं भाजपा सभासदों की सीएम योगी से मुलाकात कराने के लिए गन्ना शोध संस्थान स्थित हैलीपेड पर विशेष व्यवस्था कराई थी। साथ ही जिला प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि सभी सभासदों के पास समय से जारी किए जाएं, लेकिन इसके बावजूद व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई। भाजपा सभासदों ने आरोप लगाया कि उन्हें लंबे समय तक हैलीपेड पर धूप में खड़ा रखा गया। पास न मिलने के कारण वे मुख्यमंत्री से मुलाकात नहीं कर सके और बाद में उन्हें वहां से बाहर कर दिया गया, फिर जब हेलीकॉप्टर उड़ गया तो उनको पास उपलब्ध कराये गये। सभासदों ने इसे अपने जनप्रतिनिधि होने का अपमान बताया और घटना की जांच की मांग की और ये सभी पास मंत्री को लौटा दिये।

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मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह पूरा मामला एक गलतफहमी का परिणाम है और किसी भी स्तर पर जानबूझकर अव्यवस्था नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि सभासदों की मुख्यमंत्री से मुलाकात के लिए हर संभव व्यवस्था की गई थी। उन्होंने इस सम्बंध में प्रशासन से भी जवाब मांगा है। कहा कि भाजपा कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि है। घटना के बाद सभासदों ने एकजुट होकर मांग की है कि पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और जिस भी अधिकारी की लापरवाही सामने आए, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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